प्री-कास्ट वॉल कारोबार में प्रतिस्पर्धा या साजिश? रायगढ़ में तोड़फोड़ और विज्ञापन बिगाड़ने का सनसनीखेज मामला

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 14 मई।
जिले में उभरते प्री-कास्ट वॉल उद्योग के बीच प्रतिस्पर्धा अब आरोप-प्रत्यारोप और आपराधिक घटनाओं तक पहुंचती दिखाई दे रही है। शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में एक फर्म के विज्ञापनों को नुकसान पहुंचाने और तैयार दीवारों में तोड़फोड़ करने का मामला सामने आया है, जिसने व्यापारिक माहौल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्राम गढ़उमरिया में संचालित ‘महाबली प्री-कास्ट वॉल’ के संचालक शेख आसिफ अली ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि उनके व्यवसाय को सुनियोजित तरीके से नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी फर्म द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों—जकेला, पटेलपाली, जोरापाली, रामपुर, गोवर्धनपुर और कोसमनारा—में जमीन मालिकों की अनुमति से कराए गए विज्ञापनों पर अज्ञात लोगों द्वारा कालिख पोत दी गई है।
आसिफ अली के अनुसार, यह केवल दीवारों पर लिखे विज्ञापनों को मिटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि कई स्थानों पर स्थापित प्री-कास्ट दीवारों को भी नुकसान पहुंचाया गया है। इससे उन्हें लाखों रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाओं से न केवल प्रचार कार्य बाधित हुआ है, बल्कि ग्राहकों के बीच उनकी साख भी प्रभावित हो रही है।
शिकायत में उन्होंने एक प्रतिद्वंद्वी फर्म के संचालक पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा है कि यह पूरा कृत्य व्यापारिक प्रतिस्पर्धा के तहत किया जा रहा हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी का नाम आधिकारिक रूप से पुलिस द्वारा पुष्टि नहीं किया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने जांच के निर्देश दिए हैं। कोतरा रोड थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम गठित कर घटनास्थलों का निरीक्षण शुरू कर दिया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन घटनाओं के पीछे कौन लोग हैं और उनका उद्देश्य क्या है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि इस तरह की घटनाओं पर समय रहते रोक नहीं लगी, तो इससे क्षेत्र के व्यावसायिक माहौल पर नकारात्मक असर पड़ेगा। प्रतिस्पर्धा के नाम पर इस तरह की गतिविधियां न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि छोटे और मध्यम उद्यमियों के मनोबल को भी प्रभावित करती हैं।
फिलहाल, सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह मामला सामान्य प्रतिस्पर्धा का परिणाम है या वास्तव में कोई संगठित साजिश इसके पीछे काम कर रही है।
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