“नो रिफंड” के साये में सोनोग्राफी: रायगढ़ के एक सेंटर पर गंभीर आरोप, मरीजों की जेब और सब्र दोनों पर चोट

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 13 मई 2026 — शहर के एक चर्चित सोनोग्राफी सेंटर को लेकर इन दिनों असंतोष खुलकर सामने आ रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहे वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के दावों ने स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि यहां मरीजों से अग्रिम राशि लेकर क्षमता से अधिक पंजीयन किया जा रहा है, और लंबी प्रतीक्षा के बाद भी जांच न होने पर रकम लौटाने से साफ इनकार कर दिया जाता है।

अग्रिम भुगतान की शर्त, फिर अनिश्चित इंतजार
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि सेंटर में बिना एडवांस शुल्क के किसी भी तरह की प्रक्रिया शुरू नहीं होती। दूर-दराज से आए लोगों को “जल्द नंबर आने” का भरोसा देकर पहले ही भुगतान करा लिया जाता है। इसके बाद उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है—कई मामलों में सुबह से शाम तक।


क्षमता से अधिक बुकिंग, ‘नो रिफंड’ का बोर्ड
आरोपों के अनुसार, सेंटर अपनी दैनिक क्षमता से अधिक मरीजों की पर्ची काट रहा है। सबसे विवादित पहलू यह बताया जा रहा है कि परिसर के भीतर और रसीदों पर “No Refund” की स्पष्ट शर्त दर्ज है। यानी एक बार शुल्क जमा करने के बाद, जांच हो या न हो, पैसे वापस नहीं किए जाते। इससे कई मरीज मजबूर होकर बिना जांच कराए ही लौटने को विवश हो रहे हैं।
‘वीआईपी नंबर’ की चर्चा ने बढ़ाई नाराजगी
स्थानीय लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि सामान्य कतार से अलग एक समानांतर व्यवस्था चल रही है, जिसमें अतिरिक्त रकम देकर जल्दी नंबर हासिल किया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन सोशल मीडिया पर साझा किए गए अनुभवों ने इस आशंका को बल दिया है।


मानसिक और शारीरिक दबाव का आरोप
लंबे इंतजार, असहज माहौल और कथित तौर पर असंवेदनशील व्यवहार के कारण मरीजों को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। खासकर बुजुर्ग और गंभीर मरीजों के लिए यह स्थिति और भी कठिन बताई जा रही है।
प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग
इन आरोपों के बीच अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या संबंधित प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच करेंगे। स्थानीय स्तर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) से हस्तक्षेप की मांग तेज हो रही है, ताकि निजी स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
सेंटर का पक्ष आना बाकी
खबर लिखे जाने तक संबंधित सोनोग्राफी सेंटर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पत्रकारिता के मानकों के अनुरूप, यदि सेंटर प्रबंधन अपनी बात रखना चाहता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
(नोट: यह रिपोर्ट मरीजों और सोशल मीडिया पर सामने आए आरोपों पर आधारित है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएंगे।)