त्रासदी: शॉर्ट सर्किट से सिलेंडर ब्लास्ट, एक ही परिवार के चार सदस्य जिंदा जले; मुख्यमंत्री ने 9-9 लाख सहायता की घोषणा

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायपुर/दुर्ग, 12–13 मई 2026।
दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र अंतर्गत खपरी गांव में मंगलवार देर रात हुई भयावह दुर्घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, घर में हुए शॉर्ट सर्किट के बाद गैस सिलेंडर में विस्फोट हुआ, जिससे कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की जिंदा जलकर मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग सहम गए। जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कोशिश करते, तब तक पूरा मकान आग की चपेट में आ चुका था। घर के भीतर मौजूद लोग बाहर निकलने का कोई मौका नहीं पा सके।
मृतकों में वैष्णव परिवार के मुखिया, उनकी दो बेटियां और एक मासूम बच्ची शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है।

संवेदनाएं और सरकारी मदद
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इसे “अत्यंत हृदयविदारक” बताते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की और दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने तत्काल राहत के रूप में प्रत्येक मृतक के परिजन को कुल 9-9 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। इसमें 5 लाख रुपये की विशेष सहायता राशि के साथ, शासन की आरबीसी प्रावधान के तहत मिलने वाली 4 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता शामिल है।
उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवार को हर संभव मदद—रहने, खाने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं सहित—तुरंत उपलब्ध कराई जाए।
प्रशासन और जनप्रतिनिधि मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्यों का जायजा लिया।
इसके अलावा सांसद विजय बघेल, कलेक्टर अभिजीत सिंह, एसएसपी विजय अग्रवाल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी घटनास्थल पर मौजूद रहे।
अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से घटना के बारे में जानकारी ली और पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
जांच के दायरे में हादसे के कारण
प्राथमिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को हादसे की वजह माना जा रहा है, जिसके चलते सिलेंडर में विस्फोट हुआ। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।
सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर घरेलू गैस और विद्युत सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर वायरिंग की जांच, गैस सिलेंडर के सुरक्षित उपयोग और सतर्कता से ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।
कुम्हारी की यह त्रासदी केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। कुछ ही क्षणों में हंसता-खेलता परिवार राख में तब्दील हो गया। अब प्रशासनिक मदद और संवेदनाएं ही उस पीड़ा को कुछ हद तक कम कर सकती हैं, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।