तमनार में संगठन साधना का उत्सव: भाजपा मंडल का द्विदिवसीय प्रशिक्षण वर्ग जोश और अनुशासन के साथ सम्पन्न


Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
तमनार। संगठन की ताकत सिर्फ संख्या में नहीं, बल्कि विचार, अनुशासन और समर्पण में निहित होती है—तमनार में आयोजित भारतीय जनता पार्टी मंडल के द्विदिवसीय प्रशिक्षण वर्ग ने इस बात को एक बार फिर प्रमाणित किया। दो दिनों तक चले इस प्रशिक्षण शिविर का समापन रविवार को उत्साह, ऊर्जा और संगठनात्मक दृढ़ता के स्पष्ट संदेश के साथ हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय परंपरा के अनुरूप दीप प्रज्वलन से हुई, जिसने पूरे वातावरण को सकारात्मकता और उद्देश्यपूर्ण ऊर्जा से भर दिया। इसके बाद मंचासीन अतिथियों का स्वागत स्थानीय उत्पादों के माध्यम से किया गया—यह दृश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना का सजीव उदाहरण था।


प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि श्री अरुणधर दीवान और मुख्य वक्ता श्री सतीश बेहरा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन की मूल विचारधारा और कार्यपद्धति पर गहन चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के व्यापक दृष्टिकोण के साथ काम करने वाला संगठन है। उनके उद्बोधन में इतिहास, वर्तमान और भविष्य की स्पष्ट झलक दिखाई दी, जिसने कार्यकर्ताओं में नई चेतना का संचार किया।
द्वितीय सत्र में श्री बृजेश गुप्ता ने संगठन की जमीनी मजबूती पर फोकस करते हुए बूथ स्तर तक विस्तार की रणनीति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “मजबूत बूथ ही चुनावी जीत की नींव है” और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अपनी जिम्मेदारियों को केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि मिशन के रूप में लें।


पूरे प्रशिक्षण वर्ग के दौरान कार्यकर्ताओं में अनुशासन और समर्पण साफ झलकता रहा। सत्रों में उनकी सक्रिय भागीदारी, सवाल-जवाब और नोट्स लेने की प्रवृत्ति यह दर्शाती रही कि यह आयोजन महज औपचारिक नहीं, बल्कि वास्तविक सीख और आत्ममंथन का मंच था।
अंतिम चरण में कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे पार्टी की नीतियों और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेंगे। यह संकल्प केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके चेहरे के भाव और सहभागिता में स्पष्ट दिखाई दिया।


समापन सत्र में यह बात उभरकर सामने आई कि ऐसे प्रशिक्षण वर्ग संगठन को केवल दिशा ही नहीं देते, बल्कि कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से सुदृढ़ और व्यवहारिक रूप से सक्षम भी बनाते हैं। तमनार का यह आयोजन इसी कड़ी में एक मजबूत कड़ी साबित हुआ—जहां संगठन ने खुद को परखा, संवारा और आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया।
News associate Naresh rathiya