रायगढ़ में ‘ऑपरेशन आघात’ का असर: दो महीनों में नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार, करोड़ों का नेटवर्क ध्वस्त

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 29 मार्च। जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ छेड़े गए अभियान “ऑपरेशन आघात” ने महज दो महीनों में ही निर्णायक रूप ले लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में चल रही इस मुहिम ने न केवल अवैध शराब और गांजा तस्करी के नेटवर्क को गहरी चोट पहुंचाई है, बल्कि अफीम की अवैध खेती जैसे संगठित अपराधों पर भी शिकंजा कस दिया है।

26 जनवरी को पदभार संभालते ही एसएसपी सिंह ने साफ संकेत दे दिया था कि कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यही वजह है कि जिले के थाना और चौकी स्तर तक पुलिस बल ने सुनियोजित रणनीति के साथ कार्रवाई करते हुए नशे के कारोबारियों के खिलाफ एक के बाद एक प्रहार किए।

दो माह के भीतर पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ 357 प्रकरण दर्ज कर 367 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान 2845 लीटर देसी, अंग्रेजी और महुआ शराब जब्त की गई। खास बात यह रही कि 139 मामलों में आरोपियों को आबकारी एक्ट की अजमानती धाराओं के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया, जिससे इस धंधे में लगे लोगों को स्पष्ट संदेश गया है। महुआ शराब पर विशेष फोकस के चलते 2612 लीटर की बड़ी जब्ती ने सीमावर्ती ओडिशा से होने वाली तस्करी पर भी प्रभावी रोक लगाई है।

इसी क्रम में उड़ीसा मार्ग से संचालित गांजा तस्करी नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस ने विशेष रणनीति अपनाई। नतीजतन 16 मामलों में 27 तस्कर गिरफ्तार किए गए और 100 किलो से अधिक गांजा जब्त किया गया, जिसकी कीमत 25 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। यह कार्रवाई बताती है कि पुलिस अब केवल छोटे स्तर पर नहीं, बल्कि सप्लाई चेन को तोड़ने पर भी काम कर रही है।

अभियान का सबसे बड़ा असर अवैध अफीम की खेती पर देखने को मिला। तमनार और लैलूंगा क्षेत्रों में चल रही इस गतिविधि पर पुलिस ने सीधी कार्रवाई करते हुए 4 प्रकरण दर्ज किए और 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन मामलों में 2963 किलो अफीम (पौधों सहित) जब्त की गई, जिसकी बाजार कीमत 4 करोड़ 18 लाख रुपये बताई गई है। यह जिले में अब तक की बड़ी कार्रवाईयों में गिनी जा रही है।

कुल मिलाकर “ऑपरेशन आघात” के तहत 394 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 4 करोड़ 50 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल हो रहे 24 वाहनों—जिनमें 21 दुपहिया और 3 चार पहिया शामिल हैं—को भी जब्त किया गया है, जिससे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश साफ झलकती है।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान थमने वाला नहीं है। उनका कहना है कि “नशे के खिलाफ यह लड़ाई लगातार जारी रहेगी। यदि किसी भी क्षेत्र में अवैध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो नागरिक सीधे उनके मोबाइल नंबर 9479193200 पर सूचना दे सकते हैं। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।”
रायगढ़ पुलिस की इस आक्रामक रणनीति ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में जिले में नशे के कारोबार के लिए जगह लगातार सिमटती जाएगी। फिलहाल, ‘ऑपरेशन आघात’ ने अपराध जगत में बेचैनी जरूर बढ़ा दी है।
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