लैलूंगा में ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ मार्च से कांग्रेस ने दिखाई ताकत, मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन कर जताया विरोध

लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के तहत निकली पदयात्रा, मताधिकार की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता का मुद्दा उठाया; राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

लैलूंगा, 18 अक्टूबर। लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता के अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर कांग्रेस ने लैलूंगा में अपनी राजनीतिक सक्रियता का प्रदर्शन किया। लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के अंतर्गत ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में रविवार को ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ मार्च निकाला गया। इसमें कांग्रेस के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। पदयात्रा के समापन पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी को सौंपा गया।
कांग्रेस ने इस कार्यक्रम के माध्यम से मताधिकार की सुरक्षा, संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण और चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को प्रमुखता से उठाया। पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनावी प्रक्रिया पर आम नागरिकों का भरोसा कायम रहना जरूरी है।

गांधी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि के बाद शुरू हुई पदयात्रा
कार्यक्रम की शुरुआत विकासखंड मुख्यालय स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पूजा-अर्चना और श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों तथा नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प लेते हुए मार्च शुरू किया।
पदयात्रा जनपद पंचायत कार्यालय परिसर से निकलकर अग्रसेन चौक पहुंची। हाथों में कांग्रेस के झंडे लिए कार्यकर्ता ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ के नारे लगाते हुए आगे बढ़े। मार्च के दौरान चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और मताधिकार की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए गए।
अग्रसेन चौक पर पहुंचने के बाद पदयात्रा सभा में तब्दील हो गई। यहां उपस्थित नेताओं ने अपने संबोधन में लोकतंत्र की मजबूती के लिए जागरूक नागरिकों की भूमिका और चुनावी संस्थाओं के प्रति जनता के विश्वास को महत्वपूर्ण बताया।

विधायक विद्यावती सिदार बोलीं—मताधिकार की रक्षा सामूहिक जिम्मेदारी
लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक का वोट लोकतंत्र की ताकत है। चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना आवश्यक है, ताकि मतदाता का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था में बना रहे।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिए जनजागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। उनके संबोधन में मताधिकार की सुरक्षा को लेकर संगठनात्मक सक्रियता बनाए रखने पर जोर रहा।
पूर्व विधायक हृदय राम राठिया ने भी लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता को अहम बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता के विश्वास में निहित है। चुनावी व्यवस्था में नागरिकों के अधिकारों का सम्मान और निष्पक्ष प्रक्रियाओं का पालन जरूरी है।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया जनहित से जुड़ा मुद्दा
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नागेंद्र नेगी ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा केवल किसी एक राजनीतिक दल का विषय नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक के अधिकारों से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि मताधिकार की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया से संबंधित मुद्दों पर कांग्रेस अपनी आवाज उठाती रहेगी।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य यशोमती सिंह ने लोकतंत्र में आम जनता की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रत्येक मतदाता का वोट देश के भविष्य को दिशा देने में भूमिका निभाता है। उन्होंने मतदान प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने और नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी लैलूंगा के अध्यक्ष वीरेंद्र साह ने कार्यक्रम में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताया। उन्होंने संगठन की एकजुटता बनाए रखने और जनहित से जुड़े विषयों को लगातार उठाने की बात कही।
सभा को जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष ओम सागर पटेल, आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष दिलीप केरकेट्टा, सतीश शुक्ला, धर्मेंद्र बेहरा, किरण पैंकरा और महिला कांग्रेस अध्यक्ष शकुंतला भगत सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।

पुतला दहन के बाद राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
सभा के समापन पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर अपना विरोध जताया। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन लैलूंगा के अनुविभागीय अधिकारी को सौंपा गया।
कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के जरिए मताधिकार की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता से जुड़े सवालों को सामने रखा। हालांकि, ज्ञापन में शामिल मांगों और आरोपों का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं होने के कारण उनके बिंदुवार स्वरूप की पुष्टि नहीं की जा सकी है।

बड़ी संख्या में शामिल हुए कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष ओम सागर पटेल, जिला महामंत्री ठंडा राम बेहरा, दीपक मंडल, जिला आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष दिलीप केरकेट्टा, तमनार ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रूपेश पटेल, जनपद सदस्य पूर्णावती पैंकरा और रामप्यारी सिदार सहित विभिन्न पदाधिकारी शामिल हुए।
इसके अलावा निधि भोई, जुगलाल भगत, ललित राठिया, राकेश बेहरा, खगेश्वर मालाकार, दीनबंधु पटेल, प्रमोद प्रधान, आलोक गोयल, सीताराम यादव, शंकर सिदार, हेमानंद गुप्ता, निवास लकड़ा, सरपंच पोथी सिंह सिदार, महिला कांग्रेस अध्यक्ष शकुंतला भगत, किसान कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश पटेल, अनुसूचित जाति कांग्रेस अध्यक्ष बाबूलाल बंजारे, युवा नेता अपरांश सिन्हा, वसीम अहमद, शुभम गुप्ता, सम्राट महंत, विकी वैष्णव, भरत सिंह, हरीश पैंकरा और एनएसयूआई अध्यक्ष रोशन साहू समेत अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
लैलूंगा में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस ने मताधिकार और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपना राजनीतिक विरोध दर्ज कराया। पदयात्रा, सभा, पुतला दहन और ज्ञापन सौंपने के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
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