रेकी, पीछा और वार: बैंक से निकले पैसे पर नजर रखने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का रायगढ़ में पर्दाफाश

रायगढ़, 21 अप्रैल।
सड़क पर आम दिन की तरह गुजरते लोग शायद यह नहीं जानते थे कि उनकी जेब और मेहनत की कमाई पर नजर रखने वाला एक संगठित गिरोह चुपचाप उनके आसपास ही सक्रिय है। लेकिन रायगढ़ पुलिस की सतर्कता और तकनीकी निगरानी ने आखिरकार उस गिरोह के मंसूबों पर पानी फेर दिया, जो उड़ीसा से लेकर छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश तक अपनी जड़ें फैला चुका था।
लैलूंगा पुलिस ने एक सुनियोजित कार्रवाई में इस अंतरराज्यीय उठाईगिरी और लूट गैंग के मास्टरमाइंड अरविंद प्रताप सिंह उर्फ अरविंद नट को उस समय दबोच लिया, जब वह एक और वारदात को अंजाम देने की तैयारी में इलाके की रेकी कर रहा था। उसके साथ काम करने वाला साथी ओमप्रकाश उर्फ बच्चा सिसोदिया अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
सीसीटीवी से खुला राज, महीनों की मेहनत लाई रंग
जनवरी से लेकर अप्रैल तक लैलूंगा क्षेत्र में लगातार हो रही उठाईगिरी और डिक्की तोड़ चोरी की घटनाओं ने पुलिस के लिए चुनौती खड़ी कर दी थी। बुधवारी बाजार, बैंक परिसर और व्यस्त चौराहों के आसपास वारदातों का सिलसिला थम नहीं रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने विशेष निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया। अलग-अलग घटनाओं की कड़ियों को जोड़ते हुए आखिरकार पुलिस ने आरोपियों की पहचान सुनिश्चित कर ली।
और फिर एक सटीक प्लान के तहत, पुलिस ने अरविंद नट को उसी वक्त धर दबोचा, जब वह फिर से किसी संभावित शिकार की तलाश में इलाके की टोह ले रहा था।
बैंक से निकलने वाले लोग बनते थे निशाना
पूछताछ में जो कहानी सामने आई, वह चौंकाने वाली है। आरोपी और उसका साथी खासतौर पर बैंक और भीड़भाड़ वाले इलाकों के आसपास मंडराते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति बैंक से पैसा निकालकर बाहर निकलता, ये दोनों उसका पीछा शुरू कर देते।
मौका मिलते ही—
मोटरसाइकिल की डिक्की को डुप्लीकेट चाबी से खोलना
या कार का शीशा पेचकस से तोड़ना
और चंद सेकंड में रकम साफ।
वारदात के बाद दोनों अलग-अलग दिशाओं में निकल जाते और रकम का बंटवारा कर लेते।
चार बड़े मामलों का खुलासा, लाखों की बरामदगी
अरविंद की गिरफ्तारी के बाद लैलूंगा थाना क्षेत्र के चार बड़े मामलों का खुलासा हुआ है। इनमें शामिल हैं—
घरघोड़ा रोड पर बाइक की डिक्की से ₹2.15 लाख की चोरी
बुधवारी बाजार के पास ₹40,000 पार
दीवान होटल के पास कार का शीशा तोड़कर ₹59,000 की चोरी
अग्रसेन चौक के पास बाइक से ₹50,000 गायब
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की होंडा शाइन मोटरसाइकिल, पेचकस और डुप्लीकेट चाबी बरामद की है।
तीन राज्यों में फैला था नेटवर्क
यह गिरोह केवल रायगढ़ तक सीमित नहीं था। आरोपी ने कबूल किया है कि उसने अपने साथी के साथ मिलकर मध्यप्रदेश के अनुपपुर और शहडोल, ओडिशा के सुंदरगढ़ और झारसुगड़ा समेत कई जिलों में 10 से ज्यादा वारदातों को अंजाम दिया है।
यानी यह कोई छोटा-मोटा अपराध नहीं, बल्कि एक संगठित और योजनाबद्ध नेटवर्क था, जो राज्यों की सीमाओं को पार कर लोगों को निशाना बना रहा था।
पुलिस का संदेश: सतर्क रहें, तुरंत सूचना दें
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने साफ कहा है कि ऐसे संगठित अपराधियों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि बैंक से पैसा निकालते समय विशेष सतर्कता बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
सतर्कता ही सुरक्षा
यह घटना केवल एक गिरफ्तारी की खबर नहीं है, बल्कि एक चेतावनी भी है—कि अपराधी अब पहले से ज्यादा चालाक और संगठित हो चुके हैं। लेकिन अगर पुलिस की सक्रियता और आम नागरिकों की सतर्कता साथ आए, तो ऐसे गिरोहों के लिए कहीं भी सुरक्षित जगह नहीं बचेगी।
Journalist Amardeep chauhan
http://amarkhabar.com