बेलगाम पहियों पर लगाम: रायगढ़ में भारी वाहनों के लिए सख्त नियम लागू, अब हर ड्राइवर पुलिस की निगरानी में

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़। जिले में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं, खासकर खदान क्षेत्रों और हाईवे पर दौड़ते भारी वाहनों की लापरवाही ने आखिरकार प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर रायगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने एक व्यापक और कड़ाई से लागू होने वाली नई गाइडलाइन जारी की है, जिसका सीधा उद्देश्य सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करना और अव्यवस्थित परिवहन व्यवस्था पर नियंत्रण स्थापित करना है।
इस नई व्यवस्था के तहत अब जिले के सभी ट्रांसपोर्टरों, माइंस संचालकों और वाहन मालिकों के लिए अपने चालकों का पूरा ब्यौरा रखना अनिवार्य कर दिया गया है। हर महीने की पहली तारीख को यह डेटा यातायात कार्यालय में जमा करना होगा, जिसमें ड्राइवर का लाइसेंस, पहचान और कार्य विवरण शामिल रहेगा। पुलिस इस डेटा का मिलान सरकारी रिकॉर्ड से करेगी, जिससे फर्जी दस्तावेजों के सहारे वाहन चलाने वालों पर सीधे कार्रवाई संभव हो सके।
फर्जी लाइसेंस और नशे पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई चालक फर्जी लाइसेंस के साथ या नशे की हालत में वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो जिम्मेदारी केवल चालक तक सीमित नहीं रहेगी—वाहन मालिक को भी समान रूप से दोषी माना जाएगा।
खदान क्षेत्रों में एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। यहां ब्रीथ एनालाइजर के जरिए चालकों की जांच होगी, ताकि नशे में वाहन चलाने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। पुलिस का मानना है कि अधिकतर गंभीर हादसों के पीछे यही दो कारण प्रमुख रूप से सामने आते हैं—अवैध लाइसेंस और शराब के नशे में ड्राइविंग।
ड्राइवर वेरिफिकेशन अनिवार्य, GPS लगाने की सलाह
अक्सर दुर्घटना के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो जाते हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। इस समस्या से निपटने के लिए अब सभी चालकों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। बिना वेरिफिकेशन के वाहन चलाते पाए जाने पर सीधे वाहन स्वामी के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देते हुए पुलिस ने वाहनों में GPS सिस्टम लगाने की सिफारिश भी की है। इससे वाहनों की रीयल टाइम लोकेशन और गति पर नजर रखी जा सकेगी, जो न केवल सुरक्षा बल्कि मॉनिटरिंग के लिहाज से भी महत्वपूर्ण साबित होगा।
वर्दी, नेम-प्लेट और फिटनेस पर सख्ती
नई गाइडलाइन में ड्राइवरों के लिए वर्दी और नेम-प्लेट पहनना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि उनकी पहचान तुरंत सुनिश्चित की जा सके। वहीं, वाहन मालिकों को नियमित रूप से अपने वाहनों की सर्विसिंग और फिटनेस पर विशेष ध्यान देना होगा। लापरवाही पाए जाने पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
रात के समय होने वाले हादसों को रोकने के लिए वाहनों में रिफ्लेक्टर और इंडिकेटर लाइट की अनिवार्यता पर भी जोर दिया गया है।
हर महीने होगी समीक्षा, उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई तय
पुलिस ने साफ कर दिया है कि यह केवल कागजी आदेश नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर लागू की जाने वाली सख्त व्यवस्था है। हर महीने की पहली तारीख को नियमों की समीक्षा की जाएगी और किसी भी प्रकार की कोताही मिलने पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा बनाम लापरवाही की जंग
रायगढ़ में लागू यह नई व्यवस्था केवल नियमों का सेट नहीं, बल्कि एक चेतावनी है—उन सभी के लिए जो अब तक सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर सड़कों पर खतरा बने हुए थे और लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए रहे। अब यह साफ है कि “सुरक्षा” के नाम पर कोई समझौता नहीं होगा।
यदि इन निर्देशों का सही ढंग से पालन हुआ, तो न केवल हादसों में कमी आएगी, बल्कि परिवहन व्यवस्था में भी एक अनुशासन स्थापित होगा—जो लंबे समय से जरूरी था।
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