रिटायर्ड शिक्षक के खाते से छह साल में उड़ाए 47 लाख, भरोसेमंद ही निकला रकम ट्रांसफर करने वाला

रायगढ़। बैंकिंग कामकाज में मदद करने के बहाने एक सेवानिवृत्त शिक्षक का विश्वास जीतना एक युवक को भारी रकम तक पहुंच दिला गया। पुलिस के मुताबिक, कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम कांटाहरदी निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक के बैंक खाते से करीब छह वर्षों के दौरान 47.05 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने शिक्षक के परिचित और कथित तौर पर विश्वासपात्र रहे छत्रपाल सिदार को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से शिक्षक के संपर्क में था और बैंक से जुड़े कामों में उनकी मदद करता था। इसी दौरान उसे बैंक खाते और मोबाइल से संबंधित कामकाज की जानकारी मिल गई। आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने अलग-अलग समय पर शिक्षक के खाते से रकम दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी।
सेवानिवृत्ति के बाद खाते में आई बड़ी रकम
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, शिक्षक वर्ष 2024 में शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उनके एसबीआई कोतरारोड़ स्थित बचत खाते में जीपीएफ, ग्रेच्युटी, अवकाश समर्पण सहित अन्य देय राशि जमा हुई थी।
शिक्षक का आरोपी से वर्ष 2020 से संपर्क बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बैंक संबंधी कामों में उनकी मदद करता था और चेक के माध्यम से राशि निकालने के लिए भी उनके साथ बैंक जाता था। धीरे-धीरे उसका घर आना-जाना बढ़ गया और शिक्षक का उस पर भरोसा कायम हो गया।
मकान के लिए जमीन खरीदने पहुंचे तो खुला मामला
पुलिस के अनुसार, मकान निर्माण के लिए जमीन खरीदने के उद्देश्य से शिक्षक जब बैंक पहुंचे और अपने खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, तब उन्हें खाते से बड़ी रकम के लेन-देन की जानकारी हुई।
स्टेटमेंट की जांच में जनवरी 2020 से जून 2026 के बीच करीब 47,05,000 रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई। इनमें ग्रामीण बैंक, आईडीबीआई बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित अन्य बैंकों के खातों में हुए लेन-देन शामिल बताए गए हैं।
खाते में लगातार हुए इन ट्रांजेक्शन की जानकारी मिलने के बाद शिक्षक ने कोतरारोड़ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
जांच में अलग-अलग खातों में रकम भेजने का आरोप
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। पूछताछ में आरोपी द्वारा शिक्षक के खाते से रकम अपने अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करने की बात स्वीकार किए जाने का दावा पुलिस ने किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने रकम एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, बैंक ऑफ इंडिया और अपेक्स बैंक में अपने खातों में ट्रांसफर की थी। पूछताछ में रकम को ऑनलाइन गेमिंग में खर्च करने की बात भी सामने आई है।
पुलिस ने आरोपी से संबंधित बैंक खातों की जानकारी, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। इन माध्यमों से हुए लेन-देन और रकम के वास्तविक इस्तेमाल की जांच की जा रही है।
5 अक्टूबर को दर्ज हुआ मामला
शिकायत के आधार पर कोतरारोड़ पुलिस ने 5 अक्टूबर 2026 को अपराध क्रमांक 377/2026 दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस अब बैंक खातों के ट्रांजेक्शन, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि खाते से रकम ट्रांसफर किए जाने की पूरी प्रक्रिया और धनराशि के इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके।
पुलिस ने खाताधारकों को किया सतर्क
मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने लोगों से बैंकिंग जानकारी को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने नागरिकों से बैंक खाता, एटीएम, चेकबुक, मोबाइल फोन और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी है।
उन्होंने कहा कि खाताधारकों को अपने बैंक खाते में होने वाले प्रत्येक लेन-देन की नियमित रूप से जांच करनी चाहिए। किसी भी तरह का संदिग्ध या अनधिकृत ट्रांजेक्शन सामने आने पर बिना देरी किए बैंक और पुलिस को सूचना देना जरूरी है।
कार्रवाई में एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन, डीएसपी उन्नति ठाकुर के पर्यवेक्षण तथा थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह, एएसआई मन मोहन बैरागी, आरक्षक शुभम तिवारी और हमराह स्टाफ की भूमिका रही।
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