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रायगढ़: मां-बाप की लापरवाही, ट्रेन में छूट गए दो नन्हे बच्चों की जान बचाई बिलासपुर रेलवे ने

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Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com

रायगढ़/बिलासपुर, 5 मई 2026: माता-पिता की घोर लापरवाही के कारण गोंडवाना एक्सप्रेस में अकेले छूट गए एक और डेढ़ साल के दो मासूम बच्चों को बिलासपुर रेलवे प्रशासन की त्वरित सूझ-बूझ और सजगता ने बड़ी मुसीबत से बचा लिया। रायपुर स्टेशन पर ट्रेन से उतरते समय बच्चों को बोगी में भूल जाने की घटना ने एक बार फिर रेल यात्रा के दौरान छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सूत्रों के अनुसार, ट्रेन संख्या 12410 गोंडवाना एक्सप्रेस रायपुर स्टेशन पर रुकी थी। हड़बड़ी में माता-पिता प्लेटफॉर्म पर उतर गए, लेकिन अपने दो छोटे बच्चों को जनरल बोगी में छोड़ दिया। जब ट्रेन रवाना हो गई, तब उन्हें एहसास हुआ कि बच्चे ट्रेन में हैं। तुरंत बिलासपुर रेलवे के वाणिज्य नियंत्रक को सूचना दी गई।

बिलासपुर रेलवे डीसीएम अनुराग कुमार सिंह ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। जीआरपी, आरपीएफ, टीटीई और पार्सल स्टाफ को अलर्ट कर दिया गया। जैसे ही गोंडवाना एक्सप्रेस बिलासपुर पहुंची, पूरी टीम ट्रेन की बोगियों में बच्चों की तलाश में जुट गई। स्लीपर कोच में दोनों बच्चे अकेले बैठे मिले। उन्हें तुरंत ट्रेन से उतारा गया और बिलासपुर में रह रहे उनके रिश्तेदारों को सौंप दिया गया।

पूछताछ में पता चला कि बच्चे जनरल बोगी से चलते-चलते स्लीपर कोच तक पहुंच गए थे। एक डेढ़ साल के बच्चों के लिए बोगियों के बीच की कफलिंग और हिलते-डुलते प्लेटफॉर्म पर चलना बेहद खतरनाक था। ट्रेन की स्पीड में किसी भी क्षण संतुलन बिगड़ सकता था और बड़ा हादसा हो सकता था। गनीमत रही कि बच्चे सुरक्षित मिल गए।

रेल अधिकारियों ने बताया कि स्थिति काफी पेचीदा थी क्योंकि माता-पिता यह भी ठीक से नहीं बता पा रहे थे कि वे किस बोगी में बैठे थे। ट्रेन रायपुर के बाद तिल्दा और भाटापारा स्टेशनों पर भी रुकी थी, ऐसे में बच्चे कहीं भी उतर सकते थे या किसी अनहोनी का शिकार हो सकते थे।

बिलासपुर रेलवे की इस त्वरित प्रतिक्रिया की स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है। विशेष रूप से डीसीएम अनुराग कुमार सिंह और शिकायत शाखा प्रभारी मिथलकर की सतर्कता ने संकट को टाला। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “ट्रेन चल रही हो और छोटे बच्चे अकेले हों, तो हर पल मिनटों की मायने रखता है। टीम की तत्परता ने संभवतः एक बड़ी त्रासदी को रोका।”

यह घटना माता-पिता को ट्रेन यात्रा के दौरान बच्चों पर लगातार नजर रखने की याद दिलाती है। लंबी दूरी की ट्रेनों में छोटे बच्चों के साथ यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है, खासकर भीड़भाड़ वाले समय में।

बिलासपुर रेलवे प्रशासन ने बच्चों को सुरक्षित रूप से रिश्तेदारों के हवाले कर दिया है। फिलहाल दोनों बच्चे स्वस्थ हैं।

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Amar Chouhan

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