“शिक्षा का असली लक्ष्य प्रतिभा को मंच और संस्कारों को मान देना” — नरेश राठिया

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
तमनार। विकासखंड तमनार के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महलोई में आयोजित सेवा संकल्प कार्यक्रम–2026 केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा, अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों के संगम का जीवंत मंच बनकर सामने आया। कार्यक्रम के केंद्र में रहे भाजयुमो मंडल तमनार के महामंत्री नरेश राठिया ने अपने संबोधन और संवाद के माध्यम से शिक्षा के व्यापक अर्थ को रेखांकित किया।
अपने संबोधन में नरेश राठिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानने और उसे सही दिशा देने का माध्यम है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब शिक्षा में संस्कारों का समावेश होता है, तभी समाज के लिए जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक तैयार होते हैं। उनके वक्तव्य में व्यवहारिक जीवन के अनुभवों की झलक दिखाई दी, जिससे विद्यार्थी सहज रूप से जुड़ते नजर आए।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित रंगोली एवं भाषण प्रतियोगिता ने आयोजन को और अधिक जीवंत बना दिया। छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता और अभिव्यक्ति के माध्यम से न केवल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि आत्मविश्वास का भी परिचय दिया। नरेश राठिया ने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाते हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि प्रतिस्पर्धा से घबराने के बजाय उसे सीखने का अवसर मानना चाहिए। पढ़ाई के साथ-साथ खेल, कला और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी ही एक संतुलित व्यक्तित्व का निर्माण करती है। उन्होंने माता-पिता और गुरुजनों के सम्मान को जीवन का आधार बताते हुए मेहनत, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी।

अपने वक्तव्य में नरेश राठिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा संकल्प और समाजसेवा की भावना का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को भरोसा दिलाया कि शिक्षा और विकास से जुड़े किसी भी मुद्दे पर वे हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर रहेंगे।
कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष किसान मोर्चा संजय पटनायक ने भी शिक्षा में अनुशासन और परिश्रम की आवश्यकता पर बल दिया, जबकि सरपंच गौरी मुनावर राठिया ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण परिवेश में इस प्रकार के आयोजन बच्चों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलते हैं।
समारोह में उपसरपंच पुनि राम साहू, प्राचार्य सुभाष गुप्ता, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन अवसर पर नरेश राठिया ने विद्यालय परिवार द्वारा मिले सम्मान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कुल मिलाकर, महलोई का यह आयोजन इस बात का प्रमाण रहा कि यदि विद्यालय स्तर पर सही मार्गदर्शन और मंच उपलब्ध हो, तो ग्रामीण अंचल के विद्यार्थी भी अपनी प्रतिभा से नई पहचान गढ़ सकते हैं—और इसी विश्वास को नरेश राठिया ने अपने संदेश के जरिए मजबूती से स्थापित किया।
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