अस्पताल में अचानक पहुंचे घरघोड़ा एसडीएम प्रवीण तिवारी, व्यवस्थाओं की गहराई से पड़ताल—144 मरीजों के बीच लिया जमीनी फीडबैक, सुधार के सख्त निर्देश

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com

रायगढ़/घरघोड़ा, 18 जुलाई 2026। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क और सक्रिय नजर आ रहा है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर विभिन्न विभागों में औचक निरीक्षणों की श्रृंखला जारी है, जिससे जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने लाई जा सके।
इसी क्रम में घरघोड़ा के एसडीएम प्रवीण तिवारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का अचानक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की बारीकी से समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की ओपीडी में 144 मरीज उपचार लेते हुए पाए गए, जिससे अस्पताल में मरीजों की वास्तविक स्थिति और दबाव का अंदाजा लगा।
एसडीएम तिवारी ने अस्पताल परिसर की स्वच्छता, दवा वितरण प्रणाली, मरीजों को मिल रही सुविधाओं और पैथोलॉजी लैब की कार्यप्रणाली का मौके पर जायजा लिया। प्रारंभिक निरीक्षण में अस्पताल की साफ-सफाई संतोषजनक पाई गई, वहीं पैथोलॉजी लैब में नियमित जांच कार्य संचालित होते हुए मिले। आवश्यक दवाओं की उपलब्धता भी पर्याप्त स्तर पर पाई गई, जो राहत की बात रही।
हालांकि, निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में निजी वार्ड की सुविधा विकसित करने, लंबे समय से बंद पड़े जनरेटर को शीघ्र चालू कर ब्लड बैंक की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पैथोलॉजी जांच के लिए आवश्यक किटों की सतत उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
मरीजों के साथ आने वाले परिजनों की असुविधाओं को भी गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने बेहतर प्रतीक्षा कक्ष और ठहरने की समुचित व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गौरतलब है कि जिले में इस समय स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, छात्रावासों और स्वास्थ्य संस्थानों में लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जहां भी खामियां पाई जाएंगी, वहां जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस सक्रियता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर अब किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
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