डिजिटल इंडिया के दौर में साइबर ठगों का नया खेल: विधायक अनुज शर्मा के नंबर से मांगे जा रहे पैसे

VIP भी साइबर अपराधियों के निशाने पर, संपर्क सूची में शामिल लोगों को भेजे जा रहे संदेश; विधायक ने वीडियो जारी कर कहा—पैसे न भेजें, संदिग्ध लिंक पर भी न करें क्लिक
रायपुर। डिजिटल इंडिया के दौर में मोबाइल और इंटरनेट ने संवाद से लेकर लेन-देन तक जिंदगी को बेहद आसान बना दिया है, लेकिन इसी तकनीक का दूसरा पहलू अब लगातार चिंता बढ़ा रहा है। साइबर अपराधों की आशंका से आम नागरिकों के साथ-साथ जनप्रतिनिधि और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग भी सतर्क हो रहे हैं। राजधानी रायपुर से सामने आया एक मामला इसी खतरे की ओर इशारा कर रहा है।
धरसींवा से भाजपा विधायक एवं छत्तीसगढ़ी फिल्मों के अभिनेता अनुज शर्मा ने बताया है कि उनके निजी मोबाइल नंबर से संपर्क में मौजूद लोगों, समर्थकों और परिचितों को संदेश भेजकर पैसों की मांग की जा रही है। विधायक की ओर से जारी चेतावनी के मुताबिक, उनके नंबर से भेजे गए ऐसे संदेशों पर भरोसा न किया जाए। मामला सामने आने के बाद विधायक ने स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को सतर्क किया है।
विधायक के नंबर से आया संदेश तो सावधान
विधायक के अनुसार, उनके मोबाइल नंबर से कुछ लोगों को ऐसे संदेश प्राप्त हुए, जिनमें पैसों की मांग की गई। नंबर परिचित होने के कारण ऐसे संदेश प्राप्त करने वाला व्यक्ति आसानी से भरोसा कर सकता है कि संदेश स्वयं विधायक या उनके किसी करीबी ने भेजा है।
यही वजह है कि परिचित नंबर से आने वाले पैसों की मांग वाले संदेशों की स्वतंत्र माध्यम से पुष्टि करना जरूरी है।
विधायक अनुज शर्मा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो संदेश जारी कर कहा कि उनके नंबर से यदि किसी व्यक्ति को पैसे मांगने वाला संदेश या कॉल प्राप्त होता है तो उस पर भरोसा न करें और किसी भी स्थिति में रकम ट्रांसफर न करें।
संदिग्ध लिंक से भी खतरा
मामले में केवल पैसों की मांग ही चिंता का विषय नहीं है। विधायक ने लोगों को यह भी आगाह किया है कि यदि उनके नंबर से कोई संदिग्ध लिंक भेजा जाता है तो उस पर क्लिक न करें।
साइबर अपराध के मामलों में संदिग्ध लिंक के जरिए धोखाधड़ी या डिजिटल जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जा सकता है। इसलिए किसी परिचित के मोबाइल नंबर से आया लिंक भी बिना पुष्टि किए खोलने से बचना चाहिए।
‘नंबर अपना, मैसेज किसी और का’—यही सबसे बड़ा खतरा
ऐसे मामलों में किसी व्यक्ति के नंबर या डिजिटल अकाउंट के इस्तेमाल को लेकर वास्तविक तकनीकी स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल इतना सामने आया है कि विधायक के नंबर से कुछ लोगों को पैसों की मांग वाले संदेश मिलने की जानकारी दी गई है।
लोग अक्सर यह सोचकर जल्दबाजी कर बैठते हैं कि सामने वाला परिचित व्यक्ति है। यही जल्दबाजी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।
विधायक ने खुद संभाला मोर्चा
मामले की जानकारी सामने आने के बाद अनुज शर्मा ने लोगों तक सीधे चेतावनी पहुंचाने के लिए वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि उनके नंबर से पैसे मांगे जाने पर रकम ट्रांसफर न करें और किसी जरूरी काम के लिए उनसे अथवा उनके कार्यालय से किसी दूसरे माध्यम से संपर्क कर पुष्टि करें।
उन्होंने इस चेतावनी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील भी की है, ताकि उनके नाम और नंबर का इस्तेमाल कर कोई व्यक्ति ठगी का शिकार न हो।
आम लोगों के लिए भी बड़ा सबक
यह मामला सिर्फ एक विधायक के मोबाइल नंबर से जुड़ी साइबर घटना नहीं है, बल्कि उन तमाम लोगों के लिए चेतावनी है जो मोबाइल को अपनी पहचान और बैंकिंग का मुख्य माध्यम मानकर चलते हैं।
किसी परिचित व्यक्ति के नंबर से अचानक पैसे मांगने वाला संदेश आए तो तुरंत रकम भेजने के बजाय दूसरे माध्यम से फोन कर पुष्टि करें। OTP, PIN, पासवर्ड, बैंक विवरण या निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। इसी तरह संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचें।
डिजिटल इंडिया ने देश को तेज और सुविधाजनक बनाया है, लेकिन डिजिटल सुविधा के साथ डिजिटल सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। एक छोटी-सी असावधानी परिचित के नाम से आने वाले संदेश को साइबर ठगी में बदल सकती है।
विधायक अनुज शर्मा के मामले में घटना के पीछे कौन है और नंबर का इस्तेमाल किस तकनीकी तरीके से हुआ, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल सबसे जरूरी है कि उनके नंबर से आने वाले किसी भी संदिग्ध संदेश या पैसे की मांग पर बिना पुष्टि के कोई कार्रवाई न की जाए।
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