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पोषण ट्रैकर अपडेट के नाम पर OTP मांग रहे साइबर ठग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नौकरी से हटाने की धमकी

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फर्जी BLO बनकर फोन करने का आरोप, चक्रधर नगर थाने में शिकायत; विभागीय एप और सरकारी प्रक्रिया का डर दिखाकर ठगी की कोशिश

रायगढ़। साइबर ठग अब बैंकिंग लेनदेन के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों से जुड़े विभागीय एप और आधिकारिक प्रक्रियाओं का सहारा लेकर लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। रायगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर BLO बनकर फोन करने और पोषण ट्रैकर एप अपडेट करने के नाम पर OTP मांगने का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, OTP नहीं बताने पर फोन करने वाला व्यक्ति नौकरी से निलंबित कराने तक की धमकी दे रहा है।

बताया गया है कि कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से लगातार कॉल किए जा रहे हैं। कॉल करने वाला स्वयं को BLO बताकर पोषण ट्रैकर एप से संबंधित जानकारी अपडेट करने की बात कहता है और प्रक्रिया पूरी करने के लिए मोबाइल पर आने वाला OTP बताने का दबाव बनाता है।

कार्यकर्ताओं के मुताबिक, जब उन्होंने OTP साझा करने से इनकार किया तो कथित कॉलर ने सरकारी कार्रवाई और नौकरी पर असर पड़ने की बात कहकर उन्हें डराने का प्रयास किया। इससे कार्यकर्ताओं के बीच असमंजस और चिंता की स्थिति बनी।

ट्रू-कॉलर पर भी दिख रहा था BLO का नाम

मामले को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि संबंधित मोबाइल नंबर पर ट्रू-कॉलर जैसे एप में कथित तौर पर ‘BLO’ नाम दिखाई दे रहा था। इससे फोन प्राप्त करने वाले व्यक्ति को कॉल वास्तविक सरकारी प्रक्रिया से जुड़ी होने का भ्रम हो सकता है।

हालांकि, किसी मोबाइल नंबर पर दिखाई देने वाला नाम अपने आप में किसी व्यक्ति की सरकारी पहचान या पद की पुष्टि नहीं करता। ऐसे में केवल कॉलर की बात अथवा मोबाइल एप पर दिखाई देने वाले नाम के आधार पर OTP अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा करना जोखिमपूर्ण हो सकता है।

कई कार्यकर्ताओं को कॉल आने के बाद थाने पहुंचा मामला

एक ही तरह की शिकायतें सामने आने के बाद परेशान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मामले की जानकारी आपस में साझा की और चक्रधर नगर थाने में लिखित शिकायत दी। कार्यकर्ताओं ने अपने विभागीय व्हाट्सऐप समूहों में भी संदेश प्रसारित कर अन्य साथियों को ऐसे फोन कॉल से सावधान रहने की अपील की है।

प्रारंभिक तौर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, पुलिस मामले की जांच कर रही है। संबंधित मोबाइल नंबर से किए गए कॉल तथा उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कॉल किसने किए और इसके पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था।

सरकारी एप के नाम पर आए कॉल से रहें सावधान

साइबर अपराधों में ठग अक्सर सामने वाले व्यक्ति को जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए मजबूर करते हैं। कभी बैंक अधिकारी, कभी पुलिसकर्मी तो कभी किसी सरकारी विभाग का अधिकारी बनकर फोन किया जाता है। इस मामले में भी विभागीय एप और नौकरी पर कार्रवाई का डर दिखाने की बात सामने आई है।

ऐसे किसी भी फोन कॉल में OTP, PIN, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी या अन्य गोपनीय विवरण साझा नहीं करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति सरकारी कर्मचारी होने का दावा करता है तो संबंधित विभाग के आधिकारिक माध्यम से उसकी पहचान और निर्देशों की पुष्टि करना अधिक सुरक्षित है।

जागरूकता से टली संभावित ठगी

रायगढ़ पुलिस द्वारा साइबर अपराधों को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बीच सामने आया यह मामला यह भी बताता है कि साइबर ठगी से बचने में सतर्कता सबसे महत्वपूर्ण हथियार है। कार्यकर्ताओं ने समय रहते OTP साझा करने से इनकार किया और पुलिस को शिकायत देकर मामले को सामने लाया।

पुलिस की ओर से लगातार लोगों को साइबर ठगी के नए तौर-तरीकों को लेकर जागरूक किया जा रहा है। ऐसे में सरकारी कर्मचारियों और आम नागरिकों के लिए जरूरी है कि किसी भी अनजान कॉल पर घबराने के बजाय उसकी आधिकारिक स्तर पर पुष्टि करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस अथवा संबंधित साइबर अपराध माध्यम को दें।

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Amar Chouhan

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