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ढोलनारा के प्रभावितों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, 28 फरवरी 2025 को कट-ऑफ मानकर फिर तय होगा मुआवजा

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com

2021 के ड्रोन सर्वे तक सीमित मुआवजे पर उठे सवाल, हाईकोर्ट ने राज्य को नए सिरे से निर्धारण के दिए निर्देश

बिलासपुर/रायगढ़। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायगढ़ जिले के ग्राम ढोलनारा से जुड़े मुआवजा मामले में महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए प्रभावितों के मुआवजे का नए सिरे से निर्धारण करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने 28 फरवरी 2025 को प्रासंगिक कट-ऑफ तारीख मानते हुए लागू नियमों और कानून के अनुसार मुआवजे का पुनर्निर्धारण करने को कहा है।

यह मामला WPC No. 4294 of 2026 में सामने आया, जिसमें ढोलनारा सहित प्रभावित क्षेत्र के 29 याचिकाकर्ताओं ने मुआवजा निर्धारण को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि 6 फरवरी 2026 के मुआवजा अवॉर्ड में मकान, संरचनाओं और अन्य परिसंपत्तियों का मूल्यांकन अक्टूबर 2021 में हुए ड्रोन सर्वे तक सीमित कर दिया गया था।

2021 से 2025 के बीच बने निर्माणों के मुआवजे का मुद्दा

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में दलील दी गई कि वर्ष 2021 के ड्रोन सर्वे के बाद 28 फरवरी 2025 तक बनाए गए मकान एवं अन्य परिसंपत्तियां भी राजस्व विभाग के भौतिक सर्वे में दर्ज हैं, लेकिन इनके लिए मुआवजा नहीं दिया गया।

मामले में राज्य की ओर से महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि संबंधित पक्ष 28 फरवरी 2025 को आधार मानकर निर्धारित मुआवजा राशि जमा करने के लिए तैयार है और राज्य नियमानुसार मुआवजे की राशि का पुनर्निर्धारण करेगा।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

न्यायमूर्ति अमितेन्द्र किशोर प्रसाद की अदालत ने राज्य के महाधिवक्ता को 28 फरवरी 2025 को प्रासंगिक कट-ऑफ तारीख मानते हुए लागू नियमों एवं कानून के अनुसार मुआवजे की राशि का नए सिरे से निर्धारण करने को कहा। अदालत ने इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर निर्धारित मुआवजे का लाभ संबंधित याचिकाकर्ताओं तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पुनर्निर्धारण के बाद भी याचिकाकर्ता संतुष्ट नहीं होते हैं, तो उन्हें कानून के अनुसार उचित याचिका दायर करने की स्वतंत्रता रहेगी।

इन अधिवक्ताओं ने रखा पक्ष

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता जितेंद्र पाली के साथ अधिवक्ता अनुरूप पंडा ने पक्ष रखा।

राज्य की ओर से महाधिवक्ता विवेक शर्मा के साथ डिप्टी गवर्नमेंट एडवोकेट शोभित मिश्रा उपस्थित रहे।

वहीं प्रतिवादी क्रमांक-5 महाराष्ट्र स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (MAHAGENCO) की ओर से सीनियर एडवोकेट गोविंद राम मिरी के साथ अधिवक्ता मनुराज सिंह एवं अधिवक्ता आशीष पांडेय ने पैरवी की।

29 याचिकाकर्ताओं का मामला

हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में डोलनारा, तमनार क्षेत्र सहित प्रभावित परिवारों के कुल 29 याचिकाकर्ताओं के नाम दर्ज हैं। याचिकाकर्ताओं ने मुआवजा निर्धारण में 2021 के ड्रोन सर्वे को आधार बनाए जाने पर आपत्ति जताते हुए 28 फरवरी 2025 तक की परिसंपत्तियों को मुआवजा निर्धारण में शामिल करने की मांग की थी।

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब प्रभावित याचिकाकर्ताओं के मुआवजे का पुनर्निर्धारण 28 फरवरी 2025 को कट-ऑफ तारीख मानकर किया जाना है। आदेश दिनांक 23 सितंबर 2026 को पारित किया गया और याचिका का निराकरण कर दिया गया।

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Amar Chouhan

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