डीएमएफ कार्यों में ढिलाई पर कलेक्टर सख्त: तमनार जनपद सीईओ को नोटिस, अब हर हफ्ते होगी जमीनी समीक्षा

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़, 30 सितम्बर।
जिले में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से संचालित विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और गुणवत्ता को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने स्पष्ट शब्दों में संकेत दे दिए हैं कि अब लापरवाही या उदासीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यही कारण है कि समीक्षा बैठक के दौरान तमनार जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने डीएमएफ प्रबंधकारिणी समिति की बैठक में जिलेभर में चल रहे निर्माण कार्यों की विभागवार गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है, लेकिन अब तक शुरू नहीं हुए हैं, उन्हें तत्काल प्रारंभ किया जाए। बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद कार्यों को गति देने का यह सबसे उपयुक्त समय है और इसी अवधि में अधिकतम कार्य पूर्ण करने की ठोस कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि अब डीएमएफ कार्यों की प्रगति पर साप्ताहिक निगरानी की जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों और मैदानी अमले को निर्देश दिए कि वे नियमित फील्ड विजिट करें और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का मौके पर ही परीक्षण करें। उन्होंने खासतौर पर शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े भवनों के मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा, ताकि आम जनता को सीधा लाभ मिल सके।
पारदर्शिता पर जोर, सूचना बोर्ड अनिवार्य
कलेक्टर ने निर्माण कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए कि हर निर्माण स्थल पर कार्य प्रारंभ होते ही सूचना बोर्ड लगाया जाए, जिसमें स्वीकृत राशि, कार्य का विवरण और अवधि का उल्लेख हो। कार्य पूर्ण होने के बाद भी यह जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य रहेगा। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगी, बल्कि जन निगरानी को भी मजबूत करेगी।
तमनार में सुस्ती पर कार्रवाई का संकेत
समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि तमनार जनपद क्षेत्र में डीएमएफ कार्यों के प्रति अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए संबंधित सीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। यह कार्रवाई प्रशासन की उस सख्ती का संकेत है, जिसमें अब लापरवाही सीधे जवाबदेही में बदलेगी।
200 से अधिक कार्यों पर चल रहा काम
वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिलेभर में 200 से अधिक डीएमएफ कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें विभिन्न विभागों की हिस्सेदारी है। लोक निर्माण विभाग, सीजीएमएससी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण, ग्रामीण निर्माण मंडल, आदिवासी विकास विभाग सहित विभिन्न जनपद पंचायतों में ये कार्य संचालित हो रहे हैं। अधिकांश कार्य प्रगतिरत हैं, जबकि कुछ में निविदा प्रक्रिया और कार्यादेश जारी हो चुके हैं।
‘रियल टाइम क्यूआर सोशल ऑडिट’ से होगी निगरानी
बैठक के दौरान डीएमएफ परियोजनाओं की निगरानी को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ‘रियल टाइम क्यूआर सोशल ऑडिट प्रणाली’ लागू करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को इसके उपयोग के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि आम नागरिक भी स्कैन कर कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकें।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
संदेश साफ:
प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब डीएमएफ जैसे महत्वपूर्ण फंड के उपयोग में न तो देरी चलेगी और न ही गुणवत्ता से समझौता। आने वाले दिनों में जमीनी स्तर पर इसकी सख्ती देखने को मिल सकती है।
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