सरकारी अस्पतालों में ‘अटल आरोग्य लैब’ का असर: मुफ्त जांच, डिजिटल रिपोर्ट से मरीजों को बड़ी राहत
Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़, 1 सितम्बर 2026।
जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक अहम बदलाव अब जमीन पर साफ नजर आने लगा है। कभी सामान्य जांच के लिए भी निजी पैथोलॉजी लैब की ओर रुख करने को मजबूर मरीज अब सरकारी अस्पतालों में ही आधुनिक सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। ‘अटल आरोग्य लैब’ की शुरुआत ने न केवल जांच प्रक्रिया को आसान बनाया है, बल्कि आम लोगों की जेब पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को भी काफी हद तक कम कर दिया है।
जिला अस्पताल रायगढ़ में इन दिनों मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच यह बदलाव खास तौर पर महसूस किया जा रहा है। यहां लगभग 134 प्रकार की विभिन्न चिकित्सा जांचें निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही, रिपोर्ट को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की सुविधा ने मरीजों को बार-बार अस्पताल आने की परेशानी से भी राहत दी है।
रायगढ़ निवासी अमन नायक इस बदलाव के प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। बुखार की शिकायत के बाद जब वे जांच के लिए जिला अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें अटल आरोग्य लैब के माध्यम से सभी जरूरी जांचें एक ही स्थान पर उपलब्ध हो गईं। वे बताते हैं कि पहले इसी तरह की जांच के लिए निजी लैब में जाना पड़ता था, जहां खर्च भी अधिक होता था और रिपोर्ट के लिए इंतजार भी करना पड़ता था। इस बार न केवल जांच तुरंत हो गई, बल्कि रिपोर्ट भी डिजिटल माध्यम से आसानी से मिल गई।
अमन नायक के मुताबिक, “पहले जांच कराने में समय और पैसे दोनों ज्यादा लगते थे। अब अस्पताल में ही सारी सुविधा मिलने से बड़ी राहत मिली है।” उन्होंने लैब के स्टाफ और चिकित्सकों के सहयोग की भी सराहना की।
निजी जांच का खर्च हुआ कम
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, आमतौर पर निजी लैब में कराई जाने वाली रक्त जांच और अन्य परीक्षणों पर मरीजों को सैकड़ों से लेकर हजारों रुपये तक खर्च करना पड़ता है। ऐसे में सरकारी अस्पतालों में निशुल्क जांच की सुविधा मिलने से विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को बड़ा लाभ मिल रहा है। इससे निजी पैथोलॉजी केंद्रों पर निर्भरता भी कम हो रही है।
समय पर रिपोर्ट, इलाज में तेजी
अटल आरोग्य लैब की एक और बड़ी विशेषता है—समय पर रिपोर्ट उपलब्ध होना। डिजिटल रिपोर्टिंग सिस्टम के कारण चिकित्सकों को मरीज की स्थिति का आकलन जल्दी करने में मदद मिल रही है, जिससे उपचार शुरू करने में अनावश्यक देरी नहीं हो रही। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समय पर जांच और रिपोर्ट से गंभीर बीमारियों के मामलों में भी बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रही सुविधा
यह पहल केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं है। घरघोड़ा, पुसौर, तमनार, खरसिया समेत कई सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी अटल आरोग्य लैब की सुविधा शुरू की जा चुकी है। बिंजकोट, किरोड़ीमल नगर, कोड़ातराई, मिडमिडा, बंगुरसिया, छपोरा, डूमरपाली, जामगांव, नंदेली, नवरंगपुर, पुटकापुरी, संबलपुरी और सिसरिंगा जैसे ग्रामीण इलाकों में यह व्यवस्था लोगों के लिए किसी राहत से कम नहीं है।
पहले जहां दूर-दराज के गांवों से मरीजों को जांच के लिए रायगढ़ शहर या निजी लैब तक जाना पड़ता था, वहीं अब उन्हें अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ही यह सुविधा मिल रही है। इससे समय की बचत के साथ-साथ यात्रा का खर्च भी कम हुआ है।
भरोसे की ओर बढ़ता कदम
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अटल आरोग्य लैब का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक जांच सुविधाओं से सशक्त करना है, ताकि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं अपने ही जिले में मिल सकें। इस पहल से न केवल स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हुई हैं, बल्कि सरकारी व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।
कुल मिलाकर, अटल आरोग्य लैब जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत दे रही है—जहां इलाज की शुरुआत अब सही समय पर, सही जगह और बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के संभव हो रही है।
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