हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी हक से वंचित ग्रामीण! खदान विस्तार से पहले माँगा रोजगार और पुनर्वास का हिसाब…
Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
विधायक लालजीत सिंह राठिया ने कलेक्टर को सौंपा पत्र
रायगढ़/धरमजयगढ़/छाल, 31 अगस्त 2026।
ग्राम लात, तहसील धरमजयगढ़ के प्रभावित ग्रामीणों के अधिकारों और स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने की मांग अब तेज हो गई है। विधायक लालजीत सिंह राठिया सहित क्षेत्र के सरपंचों ने रायगढ़ कलेक्टर को पत्र सौंपकर SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) द्वारा छाल खुली कोयला खदान की क्षमता 6.0 एमटीपीए से बढ़ाकर 12 एमटीपीए किए जाने से पहले प्रभावित परिवारों के अधिकारों के निराकरण और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।


पत्र में उल्लेख किया गया है कि ग्राम लात की भूमि SECL की कोयला खनन परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है। भूमि अधिग्रहण से प्रभावित ग्रामीणों को पुनर्वास, रोजगार एवं अन्य वैधानिक अधिकारों का लाभ मिलना चाहिए, लेकिन माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेश क्रमांक 6013/2024, दिनांक 27 जनवरी 2026 के बावजूद प्रभावितों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया है।
खदान विस्तार से पहले अधिकारों का हो निराकरण
वर्तमान में SECL की छाल खुली कोयला खदान परियोजना की क्षमता 6.0 MTPA से बढ़ाकर 12 MTPA करने की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए 29 सितंबर 2026 को पर्यावरणीय स्वीकृति से संबंधित लोक सुनवाई प्रस्तावित है।
जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि परियोजना विस्तार से पहले लात सहित सभी प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, रोजगार एवं अन्य अधिकारों का पूर्ण निराकरण किया जाए तथा हाईकोर्ट के आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता
पत्र में क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार मेला एवं शिविर आयोजित करने, SECL में उपलब्ध रोजगार के अवसरों की जानकारी सार्वजनिक करने, स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण एवं अप्रेंटिसशिप देने तथा SECL की परियोजनाओं और ठेका कार्यों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जब क्षेत्र की जमीन और संसाधनों से खनन परियोजनाएं संचालित हो रही हैं, तो स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं को उसका प्रत्यक्ष लाभ मिलना चाहिए।
लोक सुनवाई में उठेगी ग्रामीणों की आवाज
पत्र में यह भी मांग की गई है कि आगामी लोक सुनवाई के दौरान प्रभावित ग्रामीणों एवं युवाओं की समस्याओं का उचित समाधान किया जाए और परियोजना विस्तार से पहले ठोस एवं समयबद्ध कार्ययोजना बनाई जाए।
पत्र पर विधायक लालजीत सिंह राठिया सहित क्षेत्र के कई सरपंचों के हस्ताक्षर दर्ज हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन और SECL प्रभावित ग्रामीणों के अधिकारों और स्थानीय युवाओं की रोजगार संबंधी मांगों पर क्या ठोस कदम उठाते हैं।
अन्य अधिक खबरों के लिए स्क्रॉल डाउन करें 👇⬇️