केलो डैम के पास रफ्तार ने छीनी सुनीता की जिंदगी…कई घंटों तक रहा सड़क में चक्काजाम

रायगढ़।
रायगढ़-घरघोड़ा नेशनल हाईवे का लाखा क्षेत्र एक बार फिर ‘हादसे की डगर’ साबित हुआ, जहां तेज रफ्तार ने एक परिवार की खुशियों को पलभर में मातम में बदल दिया। बुधवार देर शाम केलो डैम के समीप हुए भीषण सड़क हादसे में 28 वर्षीय नव विवाहिता सुनीता यादव की मौके पर ही मौत हो गई। वह अपने पति के साथ रक्षाबंधन के अवसर पर मायके जा रही थीं, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुनीता यादव अपने पति रामेश्वर उर्फ रवि यादव के साथ स्कूटी से लाखा स्थित अपने मायके जा रही थीं। शाम लगभग साढ़े चार बजे, जब वे केलो डैम के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सुनीता सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं और कुछ ही पलों में उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पति की आंखों के सामने पत्नी ने तड़पते हुए अंतिम सांस ली, जबकि वह खुद इस दुर्घटना में बाल-बाल बच गए।
यह घटना उस समय हुई जब सुनीता अपने भाई को राखी बांधने के लिए उत्साह के साथ घर से निकली थीं। त्योहार की खुशियों के बीच हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। जैसे ही हादसे की खबर गांव पहुंची, बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर जुट गए।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने खराब सड़क और लगातार हो रहे हादसों के विरोध में तत्काल चक्काजाम कर दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। ग्रामीणों का आरोप था कि इस मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन सड़क की स्थिति सुधारने और सुरक्षा के इंतजामों की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
करीब चार घंटे तक चले इस चक्काजाम के बाद प्रशासन हरकत में आया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश दी और तत्काल 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मृतका के परिजनों को प्रदान की। प्रशासन द्वारा शीघ्र सड़क सुधार और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वासन दिए जाने के बाद रात लगभग 10 बजे जाम समाप्त हुआ।
इस बीच पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर आरोपी वाहन की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
बढ़ते हादसे, अनदेखी के आरोप
रायगढ़-घरघोड़ा मार्ग पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाएं अब गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग भारी वाहनों के लिए ‘ओवरलोड कॉरिडोर’ बन चुका है, जहां तेज रफ्तार और लापरवाही आम बात हो गई है। बावजूद इसके, यातायात नियंत्रण और सड़क मरम्मत को लेकर जिम्मेदार विभागों की सक्रियता सवालों के घेरे में है।
इस ताजा हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक रफ्तार का यह कहर यूं ही मासूम जिंदगियों को निगलता रहेगा। त्योहार की खुशियां मातम में बदलने वाली इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
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