सावित्री नगर तमनार में आस्था का महासंगम: रथ पर विराजे जगन्नाथ, ‘छेरा पहरा’ की परंपरा ने खींचा ध्यान

Journalist Amardeep Chauhan
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तमनार (रायगढ़)। सावित्री नगर कॉलोनी में गुरुवार को आस्था, परंपरा और उत्साह का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। जिंदल पावर, तमनार के तत्वावधान में आयोजित भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रही, बल्कि सामूहिक श्रद्धा और सांस्कृतिक परंपरा का जीवंत उत्सव बनकर उभरी।
दोपहर बाद कार्यक्रम की शुरुआत कॉलोनी स्थित बालाजी मंदिर में विधि-विधान के साथ हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न पूजा में जिंदल पावर प्लांट के ईडी एंड एचओपी जी. वेंकट रेड्डी और उनकी धर्मपत्नी जयसुधा वेंकट रेड्डी मुख्य यजमान के रूप में शामिल हुए। आचार्य के निर्देशन में पूजा-अर्चना के बाद पारंपरिक ‘छेरा पहरा’ की रस्म निभाई गई—एक ऐसी परंपरा, जिसमें स्वयं यजमान रथ मार्ग की सफाई कर सेवा और समर्पण का संदेश देते हैं। श्री रेड्डी दंपती ने हाथ में झाड़ू लेकर इस परंपरा को निभाया, जिसे श्रद्धालुओं ने विशेष भाव से देखा।

पूजन के उपरांत जैसे ही भगवान जगन्नाथ को रथ पर विराजमान कराया गया, वैसे ही माहौल ‘जय जगन्नाथ’ के उद्घोष से गूंज उठा। रथयात्रा के निकलते ही कॉलोनीवासियों और आसपास के श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालु रथ खींचने के लिए उत्साहित नजर आए और पूरे श्रद्धाभाव से रथ को आगे बढ़ाते रहे। पूरे मार्ग में भक्ति गीत, जयकारे और उत्साह का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।

इस अवसर पर ईडी जी. वेंकट रेड्डी ने भगवान जगन्नाथ को समस्त सृष्टि के कल्याणकर्ता बताते हुए कहा कि उनकी शरण में आने वाला कोई भी भक्त निराश नहीं लौटता। उन्होंने कॉलोनीवासियों की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना करते हुए इस आयोजन को सामूहिक आस्था का प्रतीक बताया।
रथयात्रा कॉलोनी के विभिन्न मार्गों का भ्रमण करते हुए सम्पन्न हुई। कार्यक्रम में जिंदल पावर प्लांट के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिवारजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजन ने एक बार फिर यह साबित किया कि औद्योगिक परिवेश में भी परंपरा और आस्था की जड़ें उतनी ही गहरी हैं, जितनी किसी प्राचीन नगर में।
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