कमला नेहरू पार्क से उठी एक चोरी, खुला अंतरजिला गिरोह का जाल

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
ऑपरेशन ‘क्लीन हंट’ में चक्रधरनगर पुलिस की बड़ी सफलता, 21 बाइक बरामद—5 आरोपी सलाखों के पीछे


रायगढ़ पुलिस ने एक साधारण दिखने वाली बाइक चोरी की शिकायत को धागा बनाकर ऐसा सिरा पकड़ा कि पूरा अंतरजिला वाहन चोर गिरोह बेनकाब हो गया। ऑपरेशन “क्लीन हंट” के तहत चक्रधरनगर थाना पुलिस ने संगठित तरीके से काम कर रहे इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं, जिनकी कीमत करीब ₹9 लाख आंकी गई है। इस कार्रवाई में 5 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 2 अन्य की तलाश जारी है।
एक शिकायत से खुली परत-दर-परत साजिश
पूरे मामले की शुरुआत 11 जुलाई 2026 को कमला नेहरू पार्क के बाहर खड़ी एक हीरो स्प्लेंडर की चोरी से हुई।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के पेंड्रावन निवासी घनाउ खरे ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि आधे घंटे के भीतर उनकी बाइक गायब हो गई।
यहीं से पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए न केवल चोरी की जांच शुरू की, बल्कि संभावित गिरोह की तलाश में मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।
मेडिकल कॉलेज रोड पर जाल बिछाकर दबोचे गए आरोपी
जांच के दौरान सूचना मिली कि दो युवक चोरी की बाइक बेचने की फिराक में मेडिकल कॉलेज रोड पर घूम रहे हैं।
चक्रधरनगर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को मौके से पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान अनिल मिश्रा और अमृत बहादुर के रूप में हुई।
दोनों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उनके अन्य साथियों—
अनिल मिश्रा, अमृत बहादुर, बोलो निषाद, चंद्रकुमार तिवारी और चंदन राय को भी धर दबोचा।
21 बाइक बरामद, कई जिलों तक फैला नेटवर्क
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे रायगढ़, कोरबा, सक्ती और ओडिशा के बरगढ़ समेत सीमावर्ती इलाकों में संगठित तरीके से बाइक चोरी करते थे।
बरामदगी का ब्योरा—
अनिल मिश्रा से 10 बाइक
अमृत बहादुर से 2 बाइक
बोलो निषाद से 5 बाइक
चंद्रकुमार तिवारी से 4 बाइक
कुल 21 मोटरसाइकिलें बरामद हुईं।
रेकी, लॉक तोड़ना और राज्य पार सप्लाई—यही था तरीका
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह भीड़भाड़ वाले इलाकों की पहले रेकी करता था, खासतौर पर पार्किंग वाले स्थानों को निशाना बनाता, लॉक तोड़कर बाइक चोरी करता और फिर दूसरे जिले या राज्य में बेच देता था।
गिरोह की खास नजर हीरो स्प्लेंडर और HF डीलक्स जैसी आम बाइक पर रहती थी, जिन्हें आसानी से खपाया जा सके।
संगठित अपराध की धाराएं जोड़ी गईं
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2), 112(2) एवं 3(5) के तहत कार्रवाई की है।
गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अनिल मिश्रा और चंदन राय पहले से आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं। चंदन राय वर्ष 2015 से वाहन चोरी के मामलों में सक्रिय था।
नेतृत्व और टीमवर्क की बड़ी सफलता
इस पूरे ऑपरेशन को एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में अंजाम दिया गया, जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में टीम ने काम किया।
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी का सख्त संदेश
“वाहन चोरी जैसे संगठित अपराधों पर अंकुश लगाना हमारी प्राथमिकता है। गिरोहों को चिन्हित कर उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।”
साफ संदेश: अब चोरी आसान नहीं
रायगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब छोटी दिखने वाली घटनाएं भी बड़े नेटवर्क तक पहुंचने का रास्ता बन सकती हैं। ऑपरेशन क्लीन हंट के जरिए पुलिस ने न सिर्फ चोरी की संपत्ति बरामद की, बल्कि अपराध के पूरे तंत्र को उजागर कर दिया।
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