डिजिटल पुलिसिंग की ओर बड़ा कदम: रायगढ़ में विवेचकों को मिले 105 स्मार्ट MDT, अब मौके पर ही जुटेंगे साक्ष्य


Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़, 11 जुलाई 2026।
नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद बदलती पुलिसिंग व्यवस्था में रायगढ़ पुलिस ने तकनीक के इस्तेमाल को जमीन पर उतारते हुए एक अहम पहल की है। जिले के विवेचकों को अब जांच के दौरान कागजी प्रक्रिया के बजाय डिजिटल माध्यम का सहारा मिलेगा। इसके लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए 105 स्मार्ट मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) शनिवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित क्राइम मीटिंग के दौरान वितरित किए गए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने थाना प्रभारियों को ये उपकरण सौंपते हुए साफ किया कि आधुनिक दौर की पुलिसिंग में तकनीक अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) लागू होने के बाद विवेचना की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तकनीक आधारित और साक्ष्य-केंद्रित हो गई है।

मौके पर ही साक्ष्य, जांच में आएगी तेजी
इन स्मार्ट मोबाइल डेटा टर्मिनल के जरिए अब विवेचक घटनास्थल पर ही फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित कर सकेंगे। साथ ही केस डायरी अपडेट, ऑनलाइन रिपोर्टिंग और पुलिस एप्लीकेशन के माध्यम से रियल-टाइम जानकारी साझा करना भी आसान होगा। इससे न केवल जांच की गति बढ़ेगी, बल्कि अदालत में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों की गुणवत्ता भी मजबूत होगी।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल दस्तावेजीकरण से विवेचना में पारदर्शिता बढ़ेगी और जांच की विश्वसनीयता पर उठने वाले सवालों में भी कमी आएगी।

जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी
एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन स्मार्ट डिवाइस का उपयोग केवल शासकीय कार्यों के लिए ही किया जाए। उन्होंने विवेचकों से अपेक्षा जताई कि वे तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए समयबद्ध और वैज्ञानिक तरीके से जांच पूरी करें, ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में वितरण
इस मौके पर नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, डीएसपी उन्नति ठाकुर, खरसिया एसडीओपी प्रभात पटेल, धरमजयगढ़ एसडीओपी सिद्धांत तिवारी, डीएसपी ट्रैफिक उत्तम प्रताप सिंह, डीएसपी मुख्यालय सुशांतो बनर्जी सहित जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारी मौजूद रहे।
बदलाव की दिशा में संकेत
पुलिस विभाग के इस कदम को केवल उपकरण वितरण भर नहीं, बल्कि कार्यशैली में बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में यदि इन संसाधनों का प्रभावी उपयोग होता है, तो जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणाममुखी हो सकती है।
एसएसपी का संदेश
“तकनीक आधारित, वैज्ञानिक और समयबद्ध विवेचना ही आधुनिक पुलिसिंग की पहचान है। हर विवेचक का दायित्व है कि वह उपलब्ध संसाधनों का पूरा उपयोग कर पीड़ितों को त्वरित और प्रभावी न्याय दिलाए।”
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