उद्योगों की रफ्तार, सड़कों की बदहाली: गेरवानी–सराईपाली मार्ग बना ‘मौत का कॉरिडोर’, बारिश में हालात बेकाबू

Journalist Amardeep chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़। जिले के औद्योगिक विकास की रफ्तार जितनी तेज़ है, उतनी ही तेजी से बुनियादी ढांचा पीछे छूटता नजर आ रहा है। गेरवानी से सराईपाली तक जाने वाली सड़क इसका सबसे बड़ा उदाहरण बन चुकी है। हालात यह हैं कि बारिश के बाद यह मार्ग आम लोगों के लिए किसी जोखिम भरे सफर से कम नहीं रह गया है।
यह सड़क न केवल कई बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों को जोड़ती है, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों की जीवनरेखा भी है। हर दिन सैकड़ों की संख्या में हाईवा, ट्रक और ट्रेलर इस रास्ते से गुजरते हैं। लेकिन सड़क की चौड़ाई सीमित और हालत जर्जर होने के कारण यह मार्ग अब दुर्घटनाओं का गढ़ बनता जा रहा है।
लगातार बारिश ने स्थिति को और भयावह कर दिया है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जिनमें कीचड़ और पानी भर जाने से उनका अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर गड्ढों की गहराई दो से तीन फीट तक पहुंच चुकी है। ऐसे में छोटे वाहन चालकों और दोपहिया सवारों के लिए इस रास्ते से गुजरना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।

भारी वाहनों की लगातार आवाजाही ने सड़क की हालत और बिगाड़ दी है। दोनों ओर से गुजरते ट्रेलरों के बीच छोटे वाहनों के लिए जगह तक नहीं बचती। कई बार वाहन चालकों को किनारे कीचड़ में उतरकर रास्ता देना पड़ता है, जिससे हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क को चौड़ा और दुरुस्त करने की मांग वर्षों से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। कई बार हादसे भी हो चुके हैं, जिनमें लोगों की जान तक जा चुकी है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से केवल आश्वासन ही मिलते रहे हैं।

रविवार को हुई बारिश के बाद हालात और भी खराब हो गए। दोपहर के बाद सड़क पर चलना लगभग असंभव हो गया। कीचड़ और गड्ढों के कारण कई वाहन बीच रास्ते में ही फंस गए, जिससे आवागमन बाधित होता रहा। कई जगहों पर घंटों जाम की स्थिति बनी रही।


गौर करने वाली बात यह है कि जिले में डीएमएफ और सीएसआर मद से कई विकास कार्यों को मंजूरी मिल रही है, लेकिन जिस सड़क की सबसे ज्यादा जरूरत है, वह अब भी प्राथमिकता सूची से बाहर है। यह मार्ग न केवल उद्योगों बल्कि ग्रामीण आबादी के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।


स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि औद्योगिक गतिविधियों से होने वाले मुनाफे के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क का निर्माण और चौड़ीकरण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
अब सवाल यह उठता है कि क्या विकास केवल उद्योगों तक सीमित रहेगा, या फिर आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी? गेरवानी–सराईपाली सड़क की बदहाली फिलहाल इसी सवाल का जवाब मांग रही है।
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