फरार आरोपियों पर शिकंजा कसने की तैयारी, आईजी की सख्त चेतावनी—“अब नहीं बचेगा कोई”


Journalist Amardeep chauhan
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बिलासपुर रेंज में NDPS के लंबित मामलों पर बड़ी समीक्षा, गिरफ्तारी के लिए विशेष एक्शन प्लान लागू
बिलासपुर, 01 जुलाई 2026। कानून व्यवस्था को धार देने और विशेषकर मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में ढिलाई पर रोक लगाने के उद्देश्य से बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस बैठक में रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
बैठक का मुख्य फोकस उन मामलों पर रहा, जिनमें आरोपी लंबे समय से फरार हैं और जिनके विरुद्ध चालान न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं। आईजी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “फरार आरोपी अब पुलिस की प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर हैं” और उनकी गिरफ्तारी में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
NDPS मामलों में कड़ाई, हर फरार आरोपी के लिए बनेगी अलग रणनीति
एनडीपीएस एक्ट के तहत लंबित मामलों की गहन समीक्षा करते हुए आईजी गर्ग ने निर्देश दिया कि जिन प्रकरणों में आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं हो सके हैं, उनके लिए जिला स्तर पर ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों में फरारी के दौरान ही चालान पेश हो चुका है, उनमें तत्काल वारंट जारी कर उनकी तामीली सुनिश्चित की जाए।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आईजी ने पुलिस अधीक्षकों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। इसमें अंतर्राज्यीय समन्वय बढ़ाने, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के साथ जानकारी साझा करने, तथा आरोपियों के वित्तीय और तकनीकी नेटवर्क पर निगरानी रखने के निर्देश शामिल हैं।
तकनीक और खुफिया तंत्र का होगा पूरा इस्तेमाल
आईजी ने स्पष्ट किया कि केवल पारंपरिक पुलिसिंग से काम नहीं चलेगा। फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए NATGRID जैसे तकनीकी प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा, वहीं ग्राउंड टीमों को भी सक्रिय कर संभावित ठिकानों पर नजर रखने को कहा गया है। पहले से गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने के निर्देश भी दिए गए हैं।
न्यायालयीन वारंट की तामीली में लापरवाही पर नाराजगी
बैठक में न्यायालय द्वारा जारी समंस और वारंट की तामीली की स्थिति पर भी समीक्षा की गई। आईजी गर्ग ने इस मामले में लापरवाही पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि विशेषकर गंभीर मामलों में गवाहों को पेश कराने में ढिलाई अस्वीकार्य है। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों को स्वयं निगरानी कर समय पर तामीली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रेंज कार्यालय को सीधे वारंट तामीली के लिए भेजे गए और उसमें लापरवाही पाई गई, तो संबंधित थाना प्रभारी और नोडल अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन: समयसीमा में निपटारा अनिवार्य
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से आने वाली शिकायतों के निराकरण पर भी आईजी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि समयसीमा के भीतर शिकायतों का समाधान नहीं होने पर संबंधित थाना प्रभारियों के खिलाफ ‘शो कॉज’ नोटिस जारी किया जाए।
निरंतर मॉनिटरिंग और फील्ड चेकिंग पर जोर
बैठक के अंत में आईजी गर्ग ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे व्यक्तिगत स्तर पर इन आदेशों की मॉनिटरिंग करें और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सराफा बाजारों एवं पिकेट पॉइंट्स की नियमित जांच जारी रखें। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि अगले महीने इन मामलों की फिर से समीक्षा की जाएगी, जिससे यह स्पष्ट है कि फरार आरोपियों के खिलाफ अभियान अब लगातार चलने वाला है।
इस समीक्षा बैठक में बिलासपुर, रायगढ़, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर-चांपा, सक्ती, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित शाखाओं के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
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