जिला जेल में फिर हिंसा: दो गुटों की भिड़ंत में बंदी घायल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे तीखे सवाल

Journalist Amardeep chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़, 1 जुलाई 2026।
जिला जेल एक बार फिर अंदरूनी अव्यवस्था और सुरक्षा खामियों को लेकर सुर्खियों में है। बीते दो दिनों में बंदियों के बीच हुए विवाद ने मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक बंदी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार की रात जेल परिसर में बंदियों के दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी, जो धीरे-धीरे मारपीट में बदल गई। हालांकि उस समय मामला किसी तरह शांत करा दिया गया, लेकिन तनाव बना रहा। अगले ही दिन मंगलवार सुबह यह विवाद फिर भड़क उठा और दोनों गुट आमने-सामने आ गए। इस दौरान एक बंदी को निशाना बनाते हुए उसकी जमकर पिटाई की गई, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया।
घटना के बाद जेल प्रशासन हरकत में आया और घायल बंदी को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया। फिलहाल उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जेल प्रशासन की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि रायगढ़ जिला जेल पहले भी कई विवादों को लेकर चर्चा में रही है। पूर्व में अवैध शराब प्रकरण में निरुद्ध दो बंदियों की संदिग्ध मौत के मामले में जेल के भीतर मारपीट के आरोप लगे थे, जिसकी न्यायिक जांच अब भी जारी है। इसके अलावा, एक बंदी से रंगदारी वसूली से जुड़ा कथित चैट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भी जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए थे।
ताजा घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर जेल के भीतर बंदियों के बीच इस तरह की हिंसक झड़पें क्यों हो रही हैं और सुरक्षा इंतजाम कितने प्रभावी हैं। सूत्रों का कहना है कि जेल के अंदर बंदियों के बीच वर्चस्व को लेकर गुटबाजी लगातार बढ़ रही है, जो समय-समय पर इस तरह के टकराव का रूप ले लेती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जेल सिर्फ बंदीकरण का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र होना चाहिए। ऐसे में यदि भीतर ही हिंसा और असुरक्षा का माहौल बने, तो यह व्यवस्था की मूल भावना पर सवाल खड़ा करता है।
फिलहाल, इस घटना के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या ठोस रणनीति बनाता है।
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