तमनार में खाद का काला खेल बेनकाब: 50 बोरी डीएपी जब्त, सप्लाई चेन की परतें खुलने लगीं

Journalist Amardeep chauhan
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रायगढ़/तमनार। खेती के अहम मौसम में खाद की किल्लत की शिकायतों के बीच तमनार विकासखंड में कृषि विभाग ने एक ऐसी कार्रवाई की है, जिसने क्षेत्र में चल रहे कथित “खाद खेल” की सच्चाई को सतह पर ला दिया है। भालूमुड़ा क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में विभागीय टीम ने अवैध रूप से परिवहन की जा रही डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) खाद की करीब 50 बोरियां जब्त की हैं।
सूत्रों के मुताबिक, विभाग को लंबे समय से यह संकेत मिल रहे थे कि बाराद्वार से तमनार इलाके में बिना वैध दस्तावेजों के खाद की खेप पहुंचाई जा रही है और उसे ऊंचे दामों पर खपाया जा रहा है। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर टीम ने निगरानी बढ़ाई और तमनार ब्लॉक के भालूमुड़ा गांव में एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर जांच की।

जांच के दौरान वाहन में भारी मात्रा में डीएपी खाद पाई गई, लेकिन जब चालक से परिवहन से जुड़े दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने स्वीकार किया कि खाद बाराद्वार से लाई गई थी। साथ ही, सप्लायर के रूप में विकास अग्रवाल का नाम सामने आने से मामला अब सिर्फ एक वाहन तक सीमित नहीं रह गया है।
अधिकारियों का मानना है कि यह कोई अकेली खेप नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जो सरकारी अनुदान वाली खाद को बीच रास्ते में मोड़कर मुनाफाखोरी कर रहा है। यही वजह है कि अब जांच का दायरा बढ़ाकर सप्लाई चेन के हर स्तर—स्रोत, परिवहन और वितरण—को खंगाला जा रहा है।
कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसानों के लिए निर्धारित उर्वरकों की कालाबाजारी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश के तहत दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी है, जिसमें लाइसेंस निरस्तीकरण से लेकर आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाने तक की संभावना शामिल है।
इधर, स्थानीय किसानों ने इस कार्रवाई को राहत भरी पहल बताया है। उनका कहना है कि हर साल बोवनी के समय कृत्रिम संकट खड़ा कर खाद की उपलब्धता सीमित कर दी जाती है, जिससे उन्हें बाजार में मनमाने दाम चुकाने पड़ते हैं। ऐसे में विभाग की सख्ती से न केवल कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा, बल्कि वास्तविक जरूरतमंद किसानों तक खाद की पहुंच भी सुनिश्चित हो सकेगी।
फिलहाल जब्त खाद और पिकअप वाहन को विभागीय कब्जे में रखा गया है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। तमनार की यह कार्रवाई अब पूरे जिले में खाद आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है—और यह भी संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में ऐसे और खुलासे हो सकते हैं।
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