प्लांट के भीतर ही रची गई थी चोरी की साजिश: 24 घंटे में पर्दाफाश, 5 आरोपी गिरफ्तार

Journalist Amardeep chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़।
औद्योगिक क्षेत्र पूंजीपथरा स्थित एनआरवीएस स्टील प्लांट में हुई संगठित चोरी के मामले में रायगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया। इस कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें प्लांट के अंदर काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 9.08 लाख रुपये मूल्य का चोरी का माल और वाहन बरामद किया है।
घटना 6 जून 2026 की रात सामने आई, जब प्लांट प्रबंधन ने स्क्रैप यार्ड की जांच के दौरान लगभग 300 किलो एस.एस. स्क्रैप पाइप गायब पाया। इसकी अनुमानित कीमत 1.08 लाख रुपये आंकी गई। प्रबंधन की शिकायत पर थाना पूंजीपथरा में मामला दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने प्लांट कर्मचारियों से पूछताछ के साथ-साथ अपने सक्रिय मुखबिर तंत्र को भी लगाया। इसी दौरान सूचना मिली कि चोरी किया गया माल प्लांट के पीछे जंगल क्षेत्र में छिपाकर रखा गया है और उसे बेचने की तैयारी चल रही है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर पांच संदिग्धों को पकड़ लिया।
पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह चौंकाने वाला था। आरोपियों ने पूरी योजना के तहत चोरी को अंजाम दिया था। प्लांट के जेसीबी ऑपरेटर ने स्क्रैप पाइप को फ्लाई ऐश (डस्ट) के भीतर दबाकर छिपाया, जिसे बाद में लोडर चालक ने ट्रेलर में भरकर ऊपर से राख डाल दी, ताकि किसी को शक न हो। ट्रेलर चालक माल को प्लांट से बाहर ले गया और आगे अन्य साथियों की मदद से जंगल में छिपा दिया गया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तराईमाल क्षेत्र के जंगल से पूरा चोरी का माल बरामद कर लिया। साथ ही इस कार्य में प्रयुक्त ईको वाहन को भी जब्त किया गया। कुल बरामदगी 9.08 लाख रुपये आंकी गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के साथ-साथ संगठित अपराध की धारा 112(2) भी जोड़ दी है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी तथा डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि औद्योगिक इकाइयों में होने वाले चोरी, गबन और अंदरूनी मिलीभगत जैसे अपराधों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यह मामला न केवल औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अंदरूनी मिलीभगत से अपराध कितनी आसानी से अंजाम दिए जा सकते हैं। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने इस पूरे नेटवर्क को समय रहते बेनकाब कर दिया।
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