तमनार बायपास के लिए भूमि पर कड़ा पहरा: कलेक्टर का आदेश, खरीद-फरोख्त पर तत्काल रोक
रायगढ़।
जिले में प्रस्तावित तमनार बायपास सड़क परियोजना को लेकर प्रशासन ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। कलेक्टर कार्यालय (भू-अर्जन) रायगढ़ द्वारा जारी ताजा आदेश में स्पष्ट किया गया है कि परियोजना से प्रभावित गांवों की भूमि पर किसी भी प्रकार के क्रय-विक्रय, दान या हस्तांतरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इस निर्णय से जमीन के सौदों में लगी अटकलों पर विराम लग गया है और प्रशासन ने साफ संकेत दे दिया है कि परियोजना में किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
8.50 किमी सड़क, कई गांव प्रभावित
लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रस्ताव के अनुसार तमनार बायपास मार्ग की लंबाई लगभग 8.50 किलोमीटर निर्धारित की गई है। इस निर्माण कार्य की जद में तमनार तहसील के गोढ़ी, तमनार, महलाई, बुड़िया और झिंकाबहाल जैसे गांवों की सैकड़ों खसरा भूमि आ रही है। प्रशासन द्वारा जारी सूची में कुल सैकड़ों खसरा नंबरों को चिन्हित किया गया है, जिन पर अब किसी भी प्रकार का लेन-देन प्रतिबंधित रहेगा।
क्यों लगाया गया प्रतिबंध
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के पूर्व निर्देशों और छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता में किए गए संशोधनों के तहत यह कदम उठाया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रस्तावित भूमि के अधिग्रहण से पहले किसी भी तरह का हस्तांतरण न हो, ताकि मुआवजा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और फर्जी लेन-देन या सट्टेबाजी पर रोक लगाई जा सके।

अधिकारियों को सख्त निर्देश
कलेक्टर ने इस आदेश के साथ ही प्रशासनिक अमले को भी सख्त निर्देश जारी किए हैं—
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को परियोजना से संबंधित सभी जानकारी एकत्र कर समन्वय स्थापित करने को कहा गया है।
उप पंजीयक (रजिस्ट्री) को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी जमीन की रजिस्ट्री न की जाए।
तहसीलदार तमनार को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जमीन से जुड़े किसी भी प्रकार के लेन-देन पर पूरी तरह रोक रहे।
सर्वे कार्य के दौरान सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार हों और बिना अनुमति कोई मार्किंग या बदलाव न किया जाए।

वीडियो रिकॉर्डिंग तक अनिवार्य
प्रशासन ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सर्वे और मौके के निरीक्षण की वीडियो रिकॉर्डिंग तक अनिवार्य कर दी है। यह कदम भविष्य में किसी भी विवाद या शिकायत की स्थिति में प्रमाण के तौर पर काम आएगा।
तत्काल प्रभाव से लागू
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। आदेश के बाद अब प्रभावित क्षेत्रों में जमीन के सौदों पर पूरी तरह विराम लग गया है।
क्या है असर
प्रशासन के इस फैसले से जहां एक ओर परियोजना की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर जमीन के दामों में कृत्रिम उछाल लाने की कोशिशों पर भी लगाम लगेगी। साफ है कि तमनार बायपास परियोजना को लेकर प्रशासन अब किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है।
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