जमीन की रंजिश ने ली जान: घरघोड़ा के जंगल में तीर से भतीजे की हत्या, चाचा को उम्रकैद

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़।
जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र में चार साल पुराने एक सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जमीन विवाद की आग में सुलगते पारिवारिक रिश्ते आखिरकार खून-खराबे में तब्दील हुए और एक युवक की जान चली गई। अब इस मामले में न्यायालय ने आरोपी चाचा को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
मामला 28 अक्टूबर 2020 का है। ग्राम कया निवासी रामप्रसाद राठिया ने पुलिस को दी सूचना में बताया था कि उसके पिता के निधन के बाद से परिवार में जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। यह विवाद खासतौर पर उसके बड़े पिता कंवर सिंह राठिया (58) के साथ लगातार बढ़ता जा रहा था। कई बार झगड़े भी हो चुके थे, लेकिन किसी ने अंदाजा नहीं लगाया था कि यह विवाद इतनी भयावह परिणति तक पहुंच जाएगा।
घटना के दिन दोपहर करीब 3 बजे रामप्रसाद अपने छोटे भाई पुरन राठिया और गांव के अन्य लोगों—संतोष राठिया व होम राठिया—के साथ ट्रैक्टर में खेत से कटे धान को लेकर लौट रहा था। जैसे ही उनका वाहन मांझी डोंगरी जंगल के पास पहुंचा, पहले से घात लगाए बैठे कंवर सिंह ने धनुष से ताबड़तोड़ तीन तीर चला दिए। ये तीर सीधे पुरन राठिया को लगे और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
अचानक हुए इस हमले से मौके पर मौजूद अन्य लोग सहम गए। किसी तरह जान बचाकर वे भागे और गांव पहुंचकर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही घरघोड़ा पुलिस हरकत में आई और आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा में हुई। न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी कंवर सिंह राठिया को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
इसके अलावा न्यायालय ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मृतक के परिजनों को राहत देने का निर्देश भी दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायगढ़ के माध्यम से पीड़ित परिवार को 1 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति देने की अनुशंसा की गई है।
इस पूरे प्रकरण में शासन की ओर से लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पैरवी की और अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध कराया।
संदेश साफ:
यह घटना एक बार फिर बताती है कि जमीन जैसे विवाद जब संवाद की जगह हिंसा में बदल जाते हैं, तो परिणाम केवल बर्बादी ही होता है—रिश्तों की भी और जीवन की भी।
Now U can Download Amar khabar from google play store also.