रायगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन: गोवा तक फैले ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क पर करारा प्रहार, करोड़ों के हवाला खेल की परतें खुलीं

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 16 मई — मध्य भारत में फैले ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा कारोबार पर रायगढ़ पुलिस ने एक निर्णायक और संगठित कार्रवाई करते हुए उस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने का दावा किया है, जिसकी शाखाएं प्रदेश की सीमाओं से निकलकर महानगरों और समुद्री तटों तक फैली हुई थीं। पुलिस की इस कार्रवाई में न केवल बड़े सट्टा संचालकों की गिरफ्तारी हुई है, बल्कि हवाला लेनदेन, डिजिटल प्लेटफॉर्म और अंतरराज्यीय कनेक्शन का जटिल जाल भी उजागर हुआ है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई की शुरुआत स्थानीय स्तर पर दर्ज दो मामलों से हुई, लेकिन जांच आगे बढ़ते-बढ़ते एक बड़े संगठित सिंडिकेट तक जा पहुंची। पूछताछ और तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस टीम ने गोवा के कैंडोलिम क्षेत्र में एक किराए के विला पर दबिश दी, जहां से छह कथित सट्टा संचालकों को हिरासत में लिया गया।
पुलिस के अनुसार, ये आरोपी मौके पर अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों को नष्ट करने की कोशिश में थे, जिससे यह संकेत मिलता है कि उन्हें कार्रवाई की भनक लग चुकी थी। बावजूद इसके, पुलिस ने 10 मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्य जब्त कर लिए, जो इस नेटवर्क के विस्तार और संचालन को समझने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
तीन परतों में चलता था सट्टे का खेल
जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क बेहद सुनियोजित और तकनीकी रूप से उन्नत था।
पहली परत में “बुक/लाइन” के जरिए सट्टे के भाव लिए जाते थे और फिर एजेंटों तक पहुंचाए जाते थे।
दूसरी परत में तकनीकी हेरफेर का इस्तेमाल किया जाता था—ऐसे ऐप जिनमें मैच का प्रसारण कुछ सेकंड पहले दिखाई देता था, जिससे सटोरियों को बढ़त मिलती थी।
तीसरी परत में ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म और आईडी के जरिए सीधे खिलाड़ियों को जोड़ा जाता था।
यह पूरा सिस्टम कॉलिंग ऐप, APK आधारित प्लेटफॉर्म और कथित “एक्सचेंज” मॉडल पर आधारित था, जो पारंपरिक सट्टे से कहीं अधिक तेज और जटिल है।
हवाला के जरिए करोड़ों का लेनदेन
सबसे चौंकाने वाला पहलू इस नेटवर्क का वित्तीय ढांचा है। पुलिस के मुताबिक, लेनदेन हवाला चैनलों के जरिए होता था, जिसमें नोटों के सीरियल नंबर साझा कर रकम ट्रांसफर की जाती थी। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि सिर्फ एक आईपीएल सीजन के दौरान करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ।
इससे पहले भी इस मामले से जुड़े आरोपियों के पास से एक करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की जा चुकी है, जो इस अवैध कारोबार के पैमाने को दर्शाती है।
“मन्नू नथानी” गैंग से कनेक्शन
तकनीकी जांच में यह भी सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क कथित रूप से चर्चित सट्टा संचालक “मन्नू नथानी” गिरोह से जुड़ा हुआ है। आरोपी पहले एजेंट के तौर पर काम करते थे, लेकिन समय के साथ खुद बड़े ऑपरेटर बन गए और अपने नीचे खाईवालों व खिलाड़ियों का नेटवर्क खड़ा कर लिया।
अंतरराज्यीय नेटवर्क, दुबई तक कनेक्शन
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि सट्टा आईडी और लाइनें महानगरों के जरिए उपलब्ध कराई जाती थीं, जिनका स्रोत विदेश—विशेषकर दुबई—तक जुड़ा हुआ है।
रायपुर, नागपुर और अन्य शहर इस नेटवर्क के प्रमुख केंद्र के रूप में सामने आए हैं।
पुराने रिकॉर्ड वाले आरोपी
गिरफ्तार सभी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। अलग-अलग थानों में इनके खिलाफ सट्टा संचालन के मामले दर्ज हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और लगातार विस्तार कर रहा था।
पुलिस का रुख सख्त
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने साफ किया है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। उनके शब्दों में, संगठित अपराध, ऑनलाइन सट्टा और हवाला नेटवर्क के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
गिरफ्तार आरोपी
1. अमित मित्तल पिता अनूप मित्तल उम्र 30 साल स्टेशन रोड़ खरसिया
2. मोहित सोमानी पिता मुरलीधर सोमानी उम्र 38 साल निवासी समता कॉलोनी आजादचौंक रायुपर
3. प्रकाश वाधवानी पिता जगदीश वाधवानी उम्र 28 साल निवासी चौबे कॉलोनी आजाद चौंक रायपुर
4. आकाश मोटवानी पिता दीपक मोटवानी उम्र 31 साल निवासी कचहरी चौंक थाना मौदहापारा जिला रायपुर
5. राहुल खंडेलवाल पिता स्व0 विनोद खंडेलवाल 36 साल निवासी मेग्नेटो सिग्नेचर होम, तेलीबांधा रायपुर
6. सुलभ खंडेलवाल पिता सुनील खंडेलवाल उम्र 33 साल निवासी राम सागर पारा आजाद चौंक रायपुर
उपरोक्त मामले पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन तथा एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी, सीएसपी श्री मयंक मिश्रा तथा साइबर डीएसपी उन्नति ठाकुर, डीएसपी श्री उत्तम प्रताप सिंह के मार्गदर्शन पर कार्रवाई में प्रभारी साइबर पुलिस थाना निरीक्षक विजय चेलक, सहायक उप निरीक्षक नन्द कुमार सारथी, प्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंह राणा, बृजलाल गुर्जर, करुणेश राय, रूप राम पटेल, आरक्षक प्रशांत पंडा, महेश पंडा, धनंजय कश्यप, पुष्पेंद्र जाटवर, जगमोहन ओगर, विकास प्रधान, रविन्द्र कुमार गुप्ता, नवीन शुक्ला, मनोज पटनायक, गोविंद पटेल, रोशन एक्का, महिला आरक्षक मेनका चौहान, नव आरक्षक उमेश सिदार की अहम भूमिका रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित किया है कि पारंपरिक अपराध अब डिजिटल रूप ले चुका है, जहां तकनीक, अंतरराज्यीय नेटवर्क और वित्तीय सिस्टम का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा है। रायगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई इस दिशा में एक बड़ा संकेत है कि अब ऐसे नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी गंभीर स्तर पर की जा रही है।
Now U can Download Amar khabar from google play store also.