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ऑपरेशन अंकुश का असर: सट्टा नेटवर्क का सरगना खुद पहुंचा पुलिस दरबार, “पिंटू हलवाई” ने किया आत्मसमर्पण

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com

रायगढ़, 14 मई।
रायगढ़ पुलिस की लगातार और सुनियोजित कार्रवाई का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखने लगा है। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के अवैध नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” ने ऐसा दबाव बनाया कि लंबे समय से फरार चल रहा मुख्य आरोपी पिंटू हलवाई आखिरकार खुद ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गया और आत्मसमर्पण कर दिया।

यह घटना न केवल पुलिस की रणनीति की सफलता को दर्शाती है, बल्कि अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के बीच बढ़ते खौफ का भी संकेत है।


दबाव बढ़ा तो टूट गया नेटवर्क का मुख्य चेहरा

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चांदमारी रायगढ़ निवासी 43 वर्षीय पिंटू हलवाई ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क का प्रमुख संचालक था। बीते दिनों साइबर और कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उसके कई सहयोगी गिरफ्तार किए जा चुके थे। लगातार हो रही गिरफ्तारी, तकनीकी निगरानी और दबिश के कारण आरोपी ने पहले रायगढ़ छोड़ दिया और उत्तराखंड में जाकर छिप गया।

गिरफ्तारी के डर से उसने अपना मोबाइल फोन तक नष्ट कर दिया, लेकिन पुलिस की सक्रियता और नेटवर्क के लगातार ध्वस्त होने से वह मानसिक दबाव में आ गया। आखिरकार उसने भागने के बजाय सरेंडर को ही बेहतर विकल्प माना।


एसएसपी के सामने जुर्म कबूल, नई शुरुआत की इच्छा

पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर आरोपी ने एसएसपी शशि मोहन सिंह के समक्ष अपने अपराध को स्वीकार किया और भविष्य में मुख्यधारा में लौटकर नया जीवन शुरू करने की इच्छा जताई।

एसएसपी ने उसे स्पष्ट शब्दों में चेताया कि सुधार का अवसर दिया जाएगा, लेकिन यदि दोबारा सट्टा, जुआ या किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल पाया गया तो कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ जिला बदर जैसी सख्त कार्यवाही भी की जाएगी।


व्हाट्सऐप कॉल और UPI से चलता था सट्टा कारोबार

कोतवाली थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 237/2026 एवं 238/2026 के तहत आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया कि वह अपने परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के साथ मिलकर ऑनलाइन सट्टा संचालन कर रहा था।

ग्राहकों से संपर्क व्हाट्सऐप कॉलिंग के जरिए होता था

लेन-देन यूपीआई माध्यम से किया जाता था

नेटवर्क संगठित और तकनीकी रूप से संचालित था


पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2000 रुपये नकद भी जब्त किए हैं।


पहले की कार्रवाई में लाखों की बरामदगी

गौरतलब है कि इससे पहले पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर इस नेटवर्क से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया था। उस कार्रवाई में—

2 लाख 69 हजार रुपये नकद

नोट गिनने की मशीन

महंगे मोबाइल फोन

डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड

सट्टा संचालन से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य


बरामद किए गए थे। इन सभी मामलों में पिंटू हलवाई मुख्य आरोपी के रूप में फरार चल रहा था।


पुलिस का संदेश: सुधार का मौका, लेकिन दोहराव पर सख्ती

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिस का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि समाज को अवैध गतिविधियों से मुक्त करना है।

> “जो लोग अपराध छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए दरवाजे खुले हैं। लेकिन चेतावनी के बाद भी अवैध सट्टा या जुए में लिप्त पाए जाने वालों पर और अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।”


रायगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक बड़े सट्टा नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कदम है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि तकनीकी अपराधों पर अब शिकंजा कस चुका है। “ऑपरेशन अंकुश” का असर आने वाले दिनों में और व्यापक रूप में देखने को मिल सकता है।

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Amar Chouhan

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