सड़क पर मवेशियों की भिड़ंत बनी काल: रायकेरा के पूर्व सरपंच मोमराज राठिया ने इलाज के दौरान तोड़ा दम (देखें दुर्घटना घटना की वीडियो)

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
घरघोड़ा। कभी-कभी हादसे इतने अप्रत्याशित होते हैं कि उनसे बचने का कोई अवसर ही नहीं मिलता। घरघोड़ा थाना क्षेत्र में घटित एक ऐसी ही दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया, जहां सड़क पर मवेशियों की अचानक हुई लड़ाई एक जनप्रतिनिधि की जान ले बैठी। रायकेरा के पूर्व सरपंच मोमराज राठिया अब इस दुनिया में नहीं रहे।

घटना 23 अप्रैल की बताई जा रही है। उस दिन मोमराज राठिया अपनी मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। कोटरीमाल के पास पहुंचते ही सड़क पर अचानक दो मवेशी आपस में भिड़ गए। इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते, लड़ते हुए मवेशी उनकी बाइक से जा टकराए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वे असंतुलित होकर सड़क पर दूर जा गिरे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गिरने के बाद उनके सिर में गंभीर चोट लगी और वे वहीं अचेत अवस्था में पड़े रहे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने डायल 112 को सूचना दी, लेकिन मदद पहुंचने में देरी ने हालात को और गंभीर बना दिया। आरोप है कि करीब आधे घंटे तक कोई राहत नहीं पहुंची, और इस दौरान घायल राठिया सड़क किनारे तड़पते रहे।
बाद में उन्हें तत्काल घरघोड़ा से रायगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उनकी स्थिति लगातार नाजुक बनी रही। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के हर संभव प्रयास किए, लेकिन सिर में आई गंभीर चोट ने आखिरकार उनकी जीवन-रेखा को थाम लिया। इलाज के दौरान वे कोमा में चले गए और 25 अप्रैल की सुबह लगभग 8 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण इलाकों में सड़कों पर मवेशियों की आवाजाही कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस तरह की घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि आखिर ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए ठोस व्यवस्था कब बनेगी।

मोमराज राठिया की मौत सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक ऐसा नुकसान है, जिसने एक परिवार ही नहीं, पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।
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