रुपानाधाम में लापरवाही का उफनता सच: बॉयलर से गिरा मजदूर, जिंदगी और मौत के बीच जंग
Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़। औद्योगिक क्षेत्र पूंजीपथरा के रुपानाधाम में बीते दिन घटी एक गंभीर घटना ने एक बार फिर उद्योगों में सुरक्षा मानकों की हकीकत को उजागर कर दिया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, यहां कार्यरत एक मजदूर ऊंचाई पर काम करते समय बॉयलर से नीचे गिर गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आई हैं। घायल युवक की पहचान दीपक चौहान के रूप में हुई है, जो फिलहाल जिंदल अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त दीपक बिना सेफ्टी बेल्ट के ऊंचाई पर कार्य कर रहा था। ऐसे में यह सवाल खड़ा होना लाजिमी है कि आखिर सुरक्षा उपकरणों की अनदेखी किसके इशारे पर हो रही थी—मजदूर की मजबूरी थी या प्रबंधन की अनदेखी?
घटना के तुरंत बाद घायल को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि पूरे मामले को दबाने की कोशिश भी की गई। सूत्र बताते हैं कि हादसा बीते दिन हुआ, लेकिन इसकी सूचना संबंधित थाने में काफी देर बाद, लगभग एक दिन बीत जाने के बाद दी गई। इस देरी ने कई संदेहों को जन्म दे दिया है।
औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा नियमों का पालन केवल कागजों तक सीमित रह गया है या वास्तव में जमीन पर भी कुछ लागू होता है—यह सवाल इस घटना के बाद और गहरा हो गया है। यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो शायद दीपक आज इस स्थिति में न होता।
फिलहाल दीपक चौहान बेहोश है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, इस पूरे मामले में उद्योग प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस घटना को किस गंभीरता से लेता है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।
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