सावरा समाज के मंच से गूंजी एकजुटता की आवाज, सालिक साय–गोमती साय ने शिक्षा व विकास को बताया बदलाव की कुंजी

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
पत्थलगांव (तमता, घुटरापारा)।
छत्तीसगढ़ के सामाजिक परिदृश्य में सावरा समाज का बढ़ता संगठनात्मक आत्मविश्वास रविवार को तामता (घुटरापारा) में आयोजित जिला स्तरीय सम्मेलन में साफ झलकता नजर आया। पारंपरिक गरिमा, सामाजिक चेतना और भविष्य की दिशा तय करने वाले विमर्श के बीच आयोजित इस सम्मेलन में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय और पत्थलगांव विधायक गोमती साय की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया।
सम्मेलन स्थल पर सुबह से ही समाज के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी थी। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे समाजजनों ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ और सम्मान के साथ स्वागत किया, जिससे आयोजन का माहौल सांस्कृतिक आत्मगौरव से ओतप्रोत हो उठा।

अपने संबोधन में सालिक साय ने जिस स्पष्टता और गंभीरता से समाज के भविष्य का खाका खींचा, वह सम्मेलन का मुख्य आकर्षण रहा। उन्होंने कहा कि “समय की मांग है कि सावरा समाज शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे। जब युवा शिक्षित और जागरूक होंगे, तभी समाज सशक्त होगा।” उन्होंने नशामुक्ति पर जोर देते हुए युवाओं से अनुशासित जीवनशैली अपनाने और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।
साय ने यह भी रेखांकित किया कि शासन की योजनाएं तभी सार्थक होंगी जब समाज उनका संगठित रूप से लाभ उठाए। उनके अनुसार, “एकजुट समाज ही अपनी पहचान मजबूत करता है और विकास की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान हासिल करता है।”
वहीं विधायक गोमती साय ने अपने संबोधन में जमीनी हकीकत और शासन के बीच सेतु बनने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि सरकार की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी पात्र हितग्राही को लाभ से वंचित न रहना पड़े। उन्होंने समाज के युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष बल देते हुए भरोसा दिलाया कि विकास के हर प्रयास में सावरा समाज को पूरा सहयोग मिलेगा।

सम्मेलन के दौरान शिक्षा, रोजगार, सामाजिक उत्थान और संगठनात्मक मजबूती जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। मंच से बार-बार यह संदेश उभरकर आया कि बदलते समय में समाज को आत्मनिर्भर और जागरूक बनना ही सबसे बड़ी चुनौती और अवसर दोनों है।
कार्यक्रम के एक महत्वपूर्ण चरण में समाज के सक्रिय कार्यकर्ताओं और प्रतिभाशाली व्यक्तियों का सम्मान भी किया गया, जिससे युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिली।
इस अवसर पर पूर्व जिला अध्यक्ष सुनील गुप्ता, मंडल अध्यक्ष विशाल अग्रवाल, प्रांतीय अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष सुना धर, विशाल मोहन भोय, सुनीति भोय, मीनकेतन भोय, दिलीप भोय, टिकेश्वर भोय, सरपंच संघ अध्यक्ष रोशन सिंह तामता सहित क्षेत्र के अनेक सरपंच और समाज के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

सम्मेलन ने यह संकेत दिया कि सावरा समाज अब केवल पारंपरिक पहचान तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि शिक्षा, संगठन और सहभागिता के बल पर विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी में है—और इस दिशा में सालिक साय व गोमती साय जैसे जनप्रतिनिधियों की भूमिका निर्णायक बनती दिख रही है।
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