बोर्ड परीक्षा पर उठे सवाल: 12वीं हिंदी पेपर लीक के आरोपों के बाद शिक्षा मंडल की पुलिस-साइबर सेल में शिकायत, जांच शुरू
Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चल रही बोर्ड परीक्षाओं के बीच 12वीं कक्षा के हिंदी प्रश्नपत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर पेपर लीक होने के आरोप सामने आने के बाद मामला अब जांच एजेंसियों तक पहुंच गया है। पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने पुलिस और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में प्रश्नपत्र लीक हुआ था या सोशल मीडिया पर फैलाया गया मामला महज अफवाह है।
दरअसल, छात्र संगठन एनएसयूआई ने आरोप लगाया है कि 14 मार्च को आयोजित 12वीं हिंदी विषय की बोर्ड परीक्षा से एक दिन पहले ही प्रश्नपत्र से जुड़े सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। संगठन के अनुसार, 13 मार्च की देर रात एक व्हाट्सऐप ग्रुप में हाथ से लिखे कुछ प्रश्न साझा किए गए थे, जो अगले दिन हुई परीक्षा में काफी हद तक मेल खाते नजर आए।
एनएसयूआई का दावा है कि 13 मार्च की रात करीब 2 बजकर 41 मिनट पर व्हाट्सऐप ग्रुप में लगभग 15 प्रश्न भेजे गए थे। इसके कुछ ही मिनट बाद उसी नंबर से एक और संदेश पोस्ट किया गया, जिसमें लिखा था कि “इन सवालों को भी देख लेना।” संगठन का कहना है कि अगले दिन जब हिंदी विषय की परीक्षा आयोजित हुई, तो प्रश्नपत्र में उन्हीं सवालों से मिलते-जुलते प्रश्न शामिल थे। इस संयोग ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले को लेकर छात्र संगठन ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। एनएसयूआई नेताओं का कहना है कि यदि यह आरोप सही साबित होता है तो यह न केवल परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न होगा, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी माना जाएगा। संगठन ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होने पर राज्यभर में आंदोलन किया जाएगा। इसके साथ ही माध्यमिक शिक्षा मंडल के कार्यालय के घेराव की भी घोषणा की गई है।
वहीं दूसरी ओर, मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने तत्काल कदम उठाते हुए पुलिस और साइबर सेल में एफआईआर दर्ज कराई है। जांच एजेंसियों को सोशल मीडिया पर वायरल हुए संदेशों और व्हाट्सऐप ग्रुप की गतिविधियों की पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं। यह भी जांच की जा रही है कि वायरल हुए सवाल वास्तव में प्रश्नपत्र का हिस्सा थे या फिर संयोगवश समानता देखने को मिली।
अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की बारीकी से जांच की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति या समूह की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मामले ने प्रदेश के शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है। बोर्ड परीक्षा के बीच उठे इस विवाद ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। अब सबकी नजर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि प्रश्नपत्र वास्तव में लीक हुआ था या सोशल मीडिया पर फैली सूचना केवल एक अफवाह थी।