रायगढ़ में रामनवमी की तैयारियां तेज: 60 से अधिक समाजों की झांकियों के साथ निकलेगी ऐतिहासिक शोभायात्रा, आयोजन समिति की अहम बैठक संपन्न

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक नगरी रायगढ़ में इस वर्ष भी रामनवमी का पर्व पूरे उत्साह और भक्ति के साथ मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शहर में निकलने वाली पारंपरिक रामनवमी शोभायात्रा को इस बार और अधिक भव्य और आकर्षक बनाने के लिए रामनवमी आयोजन समिति ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में शहर के अग्रसेन भवन में आयोजन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न समाजों, संगठनों और रामभक्तों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
बैठक में यह तय किया गया कि आगामी 27 मार्च को रामनवमी के पावन अवसर पर रायगढ़ शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस शोभायात्रा में लगभग 60 से अधिक समाज और संस्थाएं अपनी-अपनी आकर्षक झांकियों के साथ शामिल होंगी। हर समाज अपनी संस्कृति, परंपरा और रामभक्ति की झलक पेश करेगा, जिससे पूरा शहर भक्ति और उत्सव के रंग में रंगा नजर आएगा।
आयोजन समिति के सदस्यों ने कहा कि रामनवमी की यह शोभायात्रा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि शहर की एकता, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक भी है। इसलिए इस आयोजन को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी समाजों के सहयोग से ऐतिहासिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में एक नई पहल करते हुए इस वर्ष शोभायात्रा में शामिल झांकियों के लिए प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार देने की घोषणा की गई। शहर के गौरीशंकर मंदिर चौक, श्याम टाकीज चौक और गोपी टाकीज चौक के पास निर्णायक मंडल द्वारा झांकियों का मूल्यांकन किया जाएगा। झांकियों की साज-सज्जा, प्रस्तुति, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और सहभागिता सहित लगभग 10 मानकों के आधार पर चयन कर आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
इस वर्ष की शोभायात्रा में कई विशेष आकर्षण भी देखने को मिलेंगे। आयोजकों के अनुसार शिव तांडव, पंजाब लाइव बैंड, चार्ली चैपलिन, आदिवासी नृत्य, बाहुबली हनुमान, काला हांडी के कटप्पा, बस्तर नाचा और पावर जोन जैसी हाईटेक झांकियां लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी।
बैठक के दौरान आयोजन को सुचारू और व्यवस्थित बनाने के लिए कई सुझाव भी सामने आए। शोभायात्रा के शुभारंभ के समय नटवर स्कूल से निकलते वक्त राजकीय गीत गाने का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही आयोजन के लिए आर्थिक सहयोग जुटाने के उद्देश्य से समिति द्वारा क्यूआर कोड जारी करने का सुझाव भी दिया गया, जिसे शहर के प्रमुख मंदिरों और नवरात्रि के दौरान विभिन्न देवी मंदिरों में लगाया जाएगा ताकि श्रद्धालु स्वेच्छा से सहयोग कर सकें।
आयोजन समिति ने शहर के हर परिवार से अपील की है कि वे इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। समिति का कहना है कि प्रत्येक परिवार का हर सदस्य कम से कम 10 रुपये की समर्पण राशि देकर इस आयोजन से जुड़ सकता है और रामभक्ति का परिचय दे सकता है।
गौरतलब है कि वर्ष 2014 से शुरू हुई रामनवमी शोभायात्रा ने धीरे-धीरे एक विशाल स्वरूप ले लिया है। आज यह आयोजन केवल रायगढ़ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में इसकी चर्चा होती है। हर साल इस अवसर पर शहर में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है और पूरा शहर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठता है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में महापौर जीवर्धन चौहान, दीपक पांडेय, प्रदीप गर्ग, शाखा यादव, अधिवक्ता बाबूलाल अग्रवाल, बजरंग अग्रवाल (लेन्ध्रा), विकास केडिया, आशीष यादव, राकेश पांडेय, सुमीत शर्मा सहित कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों ने अपने विचार रखे और शोभायात्रा को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।