जंगल में संवेदनशील स्थिति, वन विभाग ने मानव-वन्यजीव सुरक्षा को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
“त्वरित सूचना पर सक्रिय हुआ वन अमला: दुर्गम जंगल और हाथियों की मौजूदगी के बीच निभाई जिम्मेदारी”
रायगढ़, 28 जनवरी 2026।
जिले के कया ग्राम क्षेत्र अंतर्गत जंगल से मंगलवार शाम एक बेहद संवेदनशील और दुखद सूचना सामने आई, जिसने वन अमले के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों को भी झकझोर कर रख दिया। ग्रामीणों ने सायंकाल वन विभाग को जानकारी दी कि समीपवर्ती वन क्षेत्र में एक हाथी का बच्चा मृत अवस्था में पड़ा है।
सूचना मिलते ही वन अमला तत्काल मौके के लिए रवाना हुआ, लेकिन रात्रि का समय, घना जंगल, दुर्गम स्थल और घटना स्थल के आसपास हाथियों के दल की निरंतर मौजूदगी के कारण उसी समय घटनास्थल तक पहुँचना संभव नहीं हो सका। वन विभाग द्वारा एहतियातन क्षेत्र में निगरानी रखी गई, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
इसके बाद बुधवार सुबह दिनांक 28 जनवरी 2026 को वन अमला आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 1310 स्थित घटना स्थल पर पहुँचा और विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जो दृश्य सामने आया, वह बेहद मार्मिक था। एक नर हाथी का शावक, जिसकी उम्र एक वर्ष से कम आँकी जा रही है, अत्यधिक ढलान वाले क्षेत्र में फिसलकर दो बड़ी चट्टानों के बीच की संकरी दरार में फंसा हुआ पाया गया। प्रथम दृष्टया अनुमान लगाया जा रहा है कि गिरने के दौरान उसे गंभीर आंतरिक चोटें आईं और अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव के कारण उसकी मृत्यु हो गई।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में भी मृत शावक के आसपास हाथियों का झुंड क्षेत्र में विचरण कर रहा है, जिससे हालात संवेदनशील बने हुए हैं। इसी को देखते हुए पूरे इलाके में विशेष सतर्कता बरती जा रही है और वन अमले द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष की कोई स्थिति उत्पन्न न हो।
मृत हाथी शावक का विधिवत पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिससे मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सके। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जंगल की गोद में जन्मी एक नन्ही जान का इस तरह असमय चले जाना न केवल वन विभाग, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक पीड़ादायक क्षण बन गया है।