रायगढ़ में प्रस्तावित कोयला खदान—70% क्षेत्र जंगल, सैकड़ों परिवार प्रभावित होने की आशंका

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़ जिले के तमनार-लैलूंगा क्षेत्र में प्रस्तावित फुटामुड़ा कोल ब्लॉक को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। छत्तीसगढ़ शासन, खनिज साधन विभाग द्वारा जारी दस्तावेज़ के अनुसार इस कोल ब्लॉक का कुल क्षेत्रफल लगभग 732 हेक्टेयर है, जिसमें करीब 70% हिस्सा वन भूमि (जंगल) है।
क्या है पूरा मामला?
यह कोल ब्लॉक M/s Alom Solar Private Limited को Prospecting License-cum-Mining Lease के तहत आवंटन प्रक्रिया में है। दस्तावेज़ बताते हैं कि:
कुल क्षेत्र: 732.176 हेक्टेयर
वन भूमि (जंगल): लगभग 372.9 हेक्टेयर (करीब 70%)
शेष भूमि में राजस्व, निजी व अन्य श्रेणियां शामिल
जंगल पर बड़ा खतरा
इतने बड़े हिस्से में जंगल होने के कारण इस परियोजना से:
बड़े पैमाने पर वन कटाई
जैव विविधता को नुकसान
पर्यावरणीय असंतुलन का खतरा

ग्रामीणों पर असर
दस्तावेज़ में शामिल गांवों में फुटहामुड़ा, बाम्हनपाली, चिमटापानी सहित कई क्षेत्र आते हैं।
इस परियोजना से:
सैकड़ों परिवारों के विस्थापन की आशंका
खेती और आजीविका पर असर
स्थानीय लोगों में चिंता और विरोध के संकेत
कानूनी प्रक्रिया
यह आवंटन Coal Blocks Allocation Rules, 2017 और MMDR Act, 1957 के तहत किया जा रहा है।
सरकार के अनुसार, कोयले का उपयोग:
बिजली उत्पादन
गैसीफिकेशन
अन्य औद्योगिक कार्यों के लिए किया जा सकेगा
सवाल उठ रहे हैं
क्या 70% जंगल वाले क्षेत्र में खदान को मंजूरी देना सही है?
क्या स्थानीय लोगों की सहमति ली गई है?
पर्यावरणीय मंजूरी और पुनर्वास योजना कितनी पारदर्शी है?
कुल मिलाकर, यह परियोजना विकास बनाम पर्यावरण और स्थानीय अधिकारों के बीच एक बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। आने वाले समय में जनसुनवाई और विरोध-समर्थन के बीच यह मामला और गरमा सकता है।
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