डीएमएफ की नई कार्ययोजना: तमनार-घरघोड़ा-लैलूंगा-धरमजयगढ़ में विकास की रफ्तार तेज करने की तैयारी

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 26 मई 2026। खनन प्रभावित अंचलों की वर्षों पुरानी बुनियादी समस्याओं को दूर करने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा खाका तैयार किया है। जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के जरिए तमनार, घरघोड़ा, लैलूंगा और धरमजयगढ़ जैसे क्षेत्रों को केंद्र में रखकर 1250 से अधिक विकास कार्यों की व्यापक कार्ययोजना बनाई गई है। इस योजना में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और सिंचाई जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है।
जिला कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में साफ कहा कि डीएमएफ की राशि का उपयोग सीधे तौर पर प्रभावित क्षेत्रों के जीवनस्तर को सुधारने के लिए होना चाहिए। उन्होंने निर्माण एजेंसियों और विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य समय-सीमा में, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।

लैलूंगा-धरमजयगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का उन्नयन
बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय सामने आए। लैलूंगा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को मॉडल कम्युनिटी हेल्थ सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही धरमजयगढ़ के सिविल अस्पताल और दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन पर भी जोर दिया गया।
खनन क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए अस्पताल तक परिवहन व्यवस्था विकसित करने पर भी विचार हुआ।
शिक्षा में लाइब्रेरी और छात्रावास पर फोकस
धरमजयगढ़, लैलूंगा, घरघोड़ा और तमनार में आधुनिक लाइब्रेरी निर्माण की योजना इस कार्ययोजना का प्रमुख हिस्सा है। छात्रावासों में लाइब्रेरी सह अध्ययन कक्ष विकसित किए जाएंगे, जिससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
इसके अलावा स्कूल भवन, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय, किचन शेड और खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के प्रस्ताव भी शामिल हैं।

तमनार में उद्यान, पर्यावरण और जल योजनाओं को प्राथमिकता
तमनार क्षेत्र में उद्यान निर्माण और पर्यावरण सुधार कार्य प्रस्तावित हैं। साथ ही पेयजल संकट को देखते हुए समूह जलप्रदाय योजना, बोरवेल, पंप स्थापना और पाइपलाइन विस्तार जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी गई है।
प्रदूषण नियंत्रण और अपशिष्ट जल प्रबंधन के लिए भी योजनाएं तैयार की गई हैं।
सड़क, सिंचाई और आधारभूत ढांचे को मिलेगी गति
घरघोड़ा और आसपास के क्षेत्रों में सड़क और पुलिया निर्माण के साथ-साथ सिंचाई के वैकल्पिक स्रोत विकसित करने और जलाशय निर्माण जैसे कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने विशेष रूप से कहा कि बारिश शुरू होने से पहले अधिक से अधिक कार्य पूर्ण किए जाएं।
महिला एवं बाल विकास योजनाओं को भी बढ़ावा
नई आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण और रेडी-टू-ईट यूनिट स्थापना को भी कार्ययोजना में शामिल किया गया है। इससे न केवल पोषण स्तर में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
सितंबर तक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि नए स्वीकृत कार्यों के वर्क ऑर्डर की प्रक्रिया सितंबर तक पूरी कर ली जाए, ताकि अगले वर्ष बारिश से पहले योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके। साथ ही अधिकारियों को नियमित फील्ड निरीक्षण और सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए।
डीएमएफ की इस विस्तृत कार्ययोजना से साफ संकेत मिलता है कि प्रशासन अब खनन प्रभावित क्षेत्रों में केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारकर वास्तविक बदलाव लाने की दिशा में गंभीर है। यदि तय समय-सीमा और गुणवत्ता मानकों का पालन हुआ, तो तमनार, घरघोड़ा, लैलूंगा और धरमजयगढ़ जैसे क्षेत्र आने वाले समय में विकास की नई मिसाल बन सकते हैं।
Now U can Download Amar khabar from google play store also.