जमीन के टुकड़े ने छीनी जिंदगी: झाड़ियों में सड़ी-गली हालत में मिली लाश, रिश्तेदार पर शक की सुई

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़ जिले के छाल थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां जमीन के पुराने विवाद ने एक बुजुर्ग महिला की जिंदगी छीन ली। कुछ दिन से लापता चल रही वृद्धा का शव गांव से लगे झाड़ियों के बीच सड़ी-गली अवस्था में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना ने न केवल पारिवारिक रिश्तों पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि ग्रामीण समाज में बढ़ते जमीन विवादों की भयावह तस्वीर भी सामने रख दी है।
मृतका की पहचान केवला बाई राठिया के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, परिवार में लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी तनातनी ने धीरे-धीरे हिंसक रूप ले लिया। मृतका के बेटे लोकनाथ राठिया ने पुलिस में दर्ज शिकायत में अपने ही रिश्तेदार आशन राठिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
लोकनाथ के मुताबिक, कुछ दिन पहले उसकी मां ने जमीन बेचने की बात करते हुए एक व्यक्ति को खेत दिखाया था। यह बात आशन को नागवार गुजरी और उसने कथित तौर पर कई बार जान से मारने की धमकी दी। 18 अप्रैल की सुबह, जब केवला बाई महुआ बीनने खेत की ओर गई थीं, उसी दौरान आरोपी वहां पहुंचा और विवाद के बीच उनके साथ मारपीट की। किसी तरह वह उस दिन बचकर घर लौटीं, लेकिन इसके बाद हालात और बिगड़ गए।
शाम होते-होते केवला बाई अचानक लापता हो गईं। परिवार ने दो दिनों तक अपने स्तर पर तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इस बीच जब लोकनाथ ने आरोपी से मां के बारे में पूछा, तो उसने कथित तौर पर चौंकाने वाला दावा किया—कि उसने हत्या कर शव जंगल में छिपा दिया है।
यह बात सुनकर परिवार और ग्रामीणों में दहशत फैल गई। गुरुवार रात गांव के कुछ लोगों को झाड़ियों की तरफ से तेज बदबू आने का एहसास हुआ। कोटवार के साथ मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने जब झुरमुट के भीतर देखा, तो वहां केवला बाई का शव सड़ी-गली हालत में पड़ा मिला। यह दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग सिहर उठे।
सूचना मिलते ही छाल पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद ही हत्या की प्रमुख वजह मानी जा रही है, हालांकि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है। आरोपी की तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी की बात कही जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर जमीन जैसे विवाद कब रिश्तों से ऊपर हो गए। गांव में अब सन्नाटा पसरा है और हर किसी की जुबान पर एक ही बात है—क्या कुछ जमीन के लिए किसी की जान लेना सही ठहराया जा सकता है?