विजयलक्ष्मी स्वावलंबन्नी व्यापार मेला का विशाल आयोजन

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़। स्थानीय रामभाटा, रायगढ़ स्थित हथकरघा कोसा केंद्र परिसर में विगत दिवस विजयलक्ष्मी स्वावलंबन्नी व्यापार मेला का भव्य आयोजन किया गया। इस मेले में जिले के विभिन्न ब्लॉकों और गांवों से आई महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। महिलाओं द्वारा स्वयं निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री के लिए यह आयोजन आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त पहल के रूप में सामने आया।

मेले में कुल लगभग 20 प्रदर्शनी स्टॉल और 10 फूड स्टॉल लगाए गए थे। सभी स्टॉलों पर महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग और शुद्ध प्राकृतिक स्वाद विशेष रूप से सराहनीय रहा। मिलेट्स से बने उत्पाद, मशरूम, ग्राम दुकान सामग्री, बड़ी-पापड़, सॉफ्ट टॉय, एंब्रॉयडरी व वस्त्र, टेराकोटा उत्पाद, मसाले, इको-फ्रेंडली थैले, पोटली बैग, फॉरेस्ट प्रोडक्ट, ब्यूटी स्किल एवं ब्यूटी प्रोडक्ट, झाड़ू, बांस शिल्प, साबुन, सर्फ, अगरबत्ती, वर्मी कम्पोस्ट सहित अनेक वस्तुएं लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं।

महिलाओं का उत्साह पूरे आयोजन के दौरान देखते ही बनता था। विजयलक्ष्मी समाज कल्याण समिति द्वारा विशाल प्रांगण में मेले का आयोजन करते हुए सभी आवश्यक सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था की गई थी। स्टॉलों की सुसज्जित व्यवस्था के साथ-साथ प्रतिभागी महिलाओं के लिए भोजन, पेयजल, मोबाइल टॉयलेट आदि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई, जिससे आयोजन पूरी तरह व्यवस्थित और सुविधाजनक रहा।

कार्यक्रम की आयोजिका एवं समिति की अध्यक्ष श्रीमती माया दत्ता ने बताया कि नाबार्ड एवं अन्य शासकीय विभागों की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आजीविका मूलक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण उपरांत महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री, मार्केटिंग और उपभोक्ताओं तक पहुंच बनाने के उद्देश्य से ऐसे व्यापार मेलों व प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाता है, ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें।

कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए समिति के प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री राजेश कुमार पटेल ने बताया कि आदि कर्मवीर अभियान के तहत समिति के धरमजयगढ़, घरघोड़ा, तमनार, पुसौर एवं खरसिया ब्लॉकों में कार्यरत लगभग 22 वॉलिंटियर्स को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इसके साथ ही ग्रामीण विकास के लिए समर्पित विभिन्न गांवों के ऊर्जावान सरपंचों को भी मंच से सम्मान प्रदान किया गया।

मेले में भगवानपुर, पतरापाली, मुरालिपाली, तारापुर, गोरखा, कोतरलिया, पंडरीपानी, कोर्रा, जामछापर, चाटीपाली, बोजिया, छाल, बजरमुडा, बेहरामुडा, लामिदरहा, लालपुर, कचकोबा, बरपाली, उकारीपाली, महलोई, गोढ़ी, सेमिकोट, कुड़ेकेला, सिथरा, मल्दा, बरभाटा, डभरा, नावापारा, गमेकेला, फर्शाबाहर, कटौद, खम्हार, रायगढ़ सहित अन्य गांवों के लगभग 80 महिला स्व-सहायता समूहों को भी सम्मानित किया गया, जिससे महिलाओं में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार हुआ।

इसके अलावा जीवन की चुनौतियों का डटकर सामना कर उन्हें अवसर में बदलने वाली संघर्षशील महिलाओं—सीमा मिंज, पूर्णिमा साहू और तारिणी श्रीवास—को शख्सियत के रूप में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उनकी प्रेरणादायक यात्रा ने उपस्थित अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ। छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास संघ विपणन सहकारी संघ मर्यादित के अध्यक्ष श्री भोजराम देवांगन एवं पूर्व डिप्टी डायरेक्टर श्री बलबीर शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इसके पश्चात समिति में अध्ययनरत बालिकाओं स्वीटी शर्मा, कृति चौबे एवं नंदिता कंसारी द्वारा गणेश वंदना पर सुंदर नृत्य प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास, श्रम विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों द्वारा योजनाओं की जानकारी दी गई तथा बाल विवाह रोकने की शपथ दिलाई गई। यह मेला सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक सफलतापूर्वक संचालित रहा, जिसमें समिति के सदस्यों के अथक प्रयासों से आयोजन बिना किसी अवरोध के संपन्न हुआ।