डीएवी तलाईपल्ली में छात्र परिषद का अलंकरण समारोह, अर्पित शर्मा बने हेड बॉय और धरा चौहान को मिली हेड गर्ल की जिम्मेदारी

नवनिर्वाचित छात्र पदाधिकारियों ने ली अनुशासन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की शपथ; प्राचार्य ने कहा– नेतृत्व पद से नहीं, जिम्मेदारियों के निर्वहन से साबित होता है
घरघोड़ा । विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने, अनुशासन की भावना को मजबूत बनाने और विद्यालयीन गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को डीएवी पब्लिक स्कूल, एनटीपीसी तलाईपल्ली में छात्र परिषद अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्राचार्य श्री नरोत्तम कुंअर के मार्गदर्शन में आयोजित इस समारोह में नवनिर्वाचित छात्र पदाधिकारियों को उनके दायित्वों से अवगत कराते हुए पद एवं कर्तव्य की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विद्यालय प्रबंधक श्री के.डी. शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके साथ ही विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह का औपचारिक आगाज हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छात्र परिषद के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का अलंकरण एवं शपथ ग्रहण रहा।
अर्पित शर्मा और धरा चौहान को मिली नेतृत्व की जिम्मेदारी
विद्यालय परिषद द्वारा चयनित छात्र परिषद के सदस्यों के साथ विभिन्न हाउस के हाउस कैप्टनों को भी समारोह में जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इस अवसर पर अर्पित शर्मा को हेड बॉय (शाला नायक) तथा कु. धरा चौहान को हेड गर्ल (शाला नायिका) का दायित्व प्रदान किया गया। सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने विद्यालय के नियमों का पालन करने, अनुशासन बनाए रखने, सभी विद्यार्थियों के साथ समान व्यवहार करने तथा अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करने की शपथ ली।
नेतृत्व का अर्थ अधिकार नहीं, जिम्मेदारी का निर्वहन : प्राचार्य
प्राचार्य श्री नरोत्तम कुंअर ने अपने संबोधन में नवनिर्वाचित छात्र परिषद के सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि छात्र परिषद का हिस्सा बनना केवल एक पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यालय और साथी विद्यार्थियों के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी स्वीकार करना है। उन्होंने परिषद के सदस्यों से विद्यालय के संचालन में सहयोग करने, अनुशासन बनाए रखने तथा अपने आचरण से अन्य विद्यार्थियों के सामने सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करने का आह्वान किया।
उन्होंने छात्र पदाधिकारियों को उनके कार्यों और दायित्वों की विस्तार से जानकारी देते हुए कुशल नेतृत्व, जवाबदेही, कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी के महत्व को समझाया। साथ ही विद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक, नैतिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय योगदान देने की प्रेरणा दी।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के विचारों से समझाया नेतृत्व का महत्व
अपने संबोधन के दौरान प्राचार्य ने प्रशिक्षण काल का एक संस्मरण साझा करते हुए भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम से जुड़ी नेतृत्व संबंधी सीख का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि एक अच्छे नेतृत्वकर्ता के भीतर अनुशासन, ईमानदारी, जवाबदेही और अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पण जैसे गुण होना आवश्यक है। विद्यार्थियों को इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाते हुए विद्यालय और समाज के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।
उन्होंने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वे अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाएंगे।
आभार प्रदर्शन के साथ समारोह का समापन
समारोह के अंत में सुश्री शाताक्षी पाणिग्रही ने मुख्य अतिथि श्री के.डी. शर्मा, विद्यालय प्राचार्य श्री नरोत्तम कुंअर सहित कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी शिक्षकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने छात्र परिषद के नवनिर्वाचित सदस्यों को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि विद्यालय में मिला कोई भी पद केवल सम्मान का विषय नहीं, बल्कि अनुशासन, सेवा, सहयोग और नेतृत्व क्षमता को व्यवहार में उतारने का अवसर है।
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