रायगढ़ में बदलेगा मतदान केंद्रों का नक्शा, 9 नए केंद्रों को मिली मंजूरी; 13 की जगह बदली
लैलूंगा विधानसभा को मिले सर्वाधिक 7 नए मतदान केंद्र, धरमजयगढ़ में भी 2 केंद्रों का गठन; रायगढ़ शहर में जर्जर भवनों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर होगी मतदान की व्यवस्था
बुजुर्गों, महिलाओं और दूरस्थ गांवों के मतदाताओं को मिलेगी राहत, कई मतदान केंद्रों के नाम और अनुभागों में भी निर्वाचन आयोग ने किए संशोधन
रायगढ़। मतदान के दिन मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े और मतदान की पूरी प्रक्रिया सुरक्षित एवं सुविधाजनक माहौल में संपन्न हो, इस दिशा में रायगढ़ जिले में मतदान केंद्रों की व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली ने जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत जिले में 9 नए मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जबकि 13 मतदान केंद्रों के मौजूदा स्थलों में परिवर्तन किया गया है। इसके साथ ही कुछ केंद्रों के नाम और मतदान क्षेत्रों के अनुभागों का भी पुनर्गठन किया गया है।
जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत तैयार कर भेजे गए प्रस्ताव पर निर्वाचन आयोग ने 30 अक्टूबर 2026 को सहमति प्रदान की। इस निर्णय के बाद अब जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मतदान केंद्रों की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप नई व्यवस्था लागू की जाएगी। खास बात यह है कि नए मतदान केंद्रों का गठन उन क्षेत्रों को ध्यान में रखकर किया गया है, जहां मतदाताओं को मौजूदा केंद्रों तक पहुंचने में अपेक्षाकृत अधिक दूरी तय करनी पड़ती थी। वहीं, जिन स्थानों पर मतदान केंद्र संचालित करने वाले भवन जर्जर हो चुके हैं या उनका अस्तित्व समाप्त हो गया है, वहां सुरक्षित और उपयुक्त शासकीय भवनों में मतदान की व्यवस्था की जाएगी।
लैलूंगा में सात नए मतदान केंद्र, दूरस्थ गांवों को मिलेगी राहत
मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण में लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र को सर्वाधिक सात नए मतदान केंद्रों की सौगात मिली है। यहां कोन्दाटिकरा, गोढ़ी, केंकराझरिया, बरडीह, बांधापाली, टांगरघाट और पाली में नए मतदान केंद्र स्वीकृत किए गए हैं।
इन क्षेत्रों में मतदान केंद्रों की दूरी और मतदाताओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए नए केंद्रों का प्रस्ताव तैयार किया गया था। अब इन गांवों और आसपास के मतदाताओं को मतदान के लिए पहले की तुलना में अधिक नजदीकी स्थान उपलब्ध हो सकेगा। विशेषकर ग्रामीण अंचलों में रहने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और ऐसे मतदाताओं के लिए यह बदलाव उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें मतदान के दिन लंबी दूरी तय करने में परेशानी होती है।
धरमजयगढ़ में तराईमार और पंडरीपानी में बनेंगे नए केंद्र
धरमजयगढ़ विधानसभा क्षेत्र में भी दो नए मतदान केंद्रों को मंजूरी दी गई है। इनमें पहला मतदान केंद्र प्राथमिक शाला तराईमार में स्थापित किया जाएगा। शाहपुर से तराईमार की दूरी लगभग पांच किलोमीटर होने के कारण स्थानीय मतदाताओं को मतदान के लिए होने वाली आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसी को ध्यान में रखते हुए तराईमार में नया मतदान केंद्र स्वीकृत किया गया है।
दूसरा नया मतदान केंद्र पंडरीपानी में बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य बैहामुड़ा से जुड़े आश्रित ग्रामों के मतदाताओं की मतदान केंद्र तक पहुंचने की दूरी कम करना है। इन दोनों केंद्रों के अस्तित्व में आने से संबंधित क्षेत्रों के मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए अधिक सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।
रायगढ़ शहर के 13 मतदान केंद्रों के स्थलों में बदलाव
रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र में भी मतदान केंद्रों की मौजूदा व्यवस्था में व्यापक बदलाव किया गया है। यहां 13 मतदान केंद्रों के स्थल बदले गए हैं। इनमें आठ मतदान केंद्र ऐसे हैं, जिनके पुराने भवन ध्वस्त हो चुके हैं। भवन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति को देखते हुए इन केंद्रों को नजदीकी शासकीय स्कूलों और अन्य सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है।
रामभांठा, मिठुमुड़ा, संत विनोबा नगर, सराईभद्दर और कबीर चौक क्षेत्र से संबंधित इन मतदान केंद्रों के लिए नए स्थान निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा चार मतदान केंद्रों को पूर्व में मतदान केंद्र के रूप में उपयोग किए जा चुके सरदार वल्लभभाई पटेल उत्कृष्ट विद्यालय में पुनर्स्थापित किया गया है।
वहीं, एक अन्य मतदान केंद्र को मतदाताओं की सुविधा और स्थान की निकटता को ध्यान में रखते हुए राजीव गांधी नगर माध्यमिक शाला में स्थानांतरित किया गया है। इन बदलावों के पीछे प्रमुख उद्देश्य मतदान केंद्रों के लिए उपयुक्त भवन उपलब्ध कराना और मतदाताओं को अनावश्यक असुविधा से बचाना है।
लैलूंगा के तीन मतदान केंद्र जर्जर भवनों से होंगे स्थानांतरित
लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र में केवल नए मतदान केंद्रों का गठन ही नहीं किया गया है, बल्कि पुराने मतदान केंद्रों की भवन संबंधी समस्याओं पर भी ध्यान दिया गया है। खेड़आमा, टटकेला और लमडांड स्थित तीन मतदान केंद्रों के भवन अत्यधिक जर्जर पाए जाने के कारण उन्हें दूसरे सुरक्षित भवनों में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है।
इसके तहत संबंधित मतदान केंद्रों को माध्यमिक शाला, आंगनबाड़ी केंद्र और उच्चतर माध्यमिक शाला में संचालित किया जाएगा। इससे मतदान के दौरान भवन की स्थिति को लेकर होने वाली संभावित परेशानी से बचा जा सकेगा। निर्वाचन व्यवस्था में मतदान केंद्र का सुरक्षित और उपयोगी भवन होना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि मतदान के दिन बड़ी संख्या में मतदाताओं की आवाजाही होती है।
चार मतदान केंद्रों के नाम बदले, अनुभागों का भी हुआ पुनर्गठन
मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया केवल नए केंद्र बनाने और पुराने केंद्रों के स्थान बदलने तक सीमित नहीं रही। रायगढ़ शहर के चार मतदान केंद्रों के नामों में भी संशोधन किया गया है।
उप पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय का नाम बदलकर क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला किए जाने के बाद संबंधित मतदान केंद्र का नाम भी अद्यतन किया गया है। इसी तरह अनाथालय प्राथमिक शाला का नाम परिवर्तित होकर श्री दुर्गा कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला होने के कारण संबंधित मतदान केंद्र के नाम में संशोधन किया गया है।
धरमजयगढ़ विधानसभा क्षेत्र में चार अनुभागों का पुनर्गठन भी किया गया है। इस बदलाव से संबंधित मतदाताओं की मतदान केंद्र तक पहुंचने की दूरी लगभग छह किलोमीटर से घटकर तीन किलोमीटर रह जाएगी। इसके अतिरिक्त मतदान केंद्र क्रमांक 231 तरेकेला के एक अनुभाग का नाम पहले कुड़ेकेला चोकपारा दर्ज था, जिसे संशोधित कर तरेकेला चोकपारा किया गया है।
मतदान व्यवस्था को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बनाने की कवायद
निर्वाचन आयोग की स्वीकृति के बाद रायगढ़ जिले में मतदान केंद्रों की व्यवस्था को स्थानीय परिस्थितियों और मतदाताओं की जरूरतों के अनुरूप व्यवस्थित करने का रास्ता साफ हो गया है। नए केंद्रों के गठन से जहां दूरस्थ क्षेत्रों के मतदाताओं को नजदीक मतदान की सुविधा मिलेगी, वहीं जर्जर भवनों से केंद्रों को हटाने से मतदान के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध होंगे।
इस पूरी कवायद का सीधा संबंध मतदाताओं की सुविधा और मतदान प्रक्रिया की सुगमता से है। हालांकि, आगामी निर्वाचन के दौरान मतदाताओं को अपने मतदान केंद्र के नए पते और नाम की जानकारी रखना भी जरूरी होगा। मतदान केंद्रों के स्थानांतरण और पुनर्गठन के बाद मतदाता सूची एवं निर्वाचन संबंधी अद्यतन जानकारी के आधार पर ही उन्हें अपने निर्धारित मतदान केंद्र की पुष्टि करनी चाहिए।
कुल मिलाकर रायगढ़ जिले में स्वीकृत यह युक्तियुक्तकरण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की मतदान व्यवस्था में बदलाव लेकर आएगा। अब देखना होगा कि इन नए केंद्रों और परिवर्तित स्थलों पर आवश्यक सुविधाएं समय रहते उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि मतदान के दिन मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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