रेलवे स्टेशन पर ‘मार्गदर्शक’ नेविगेशन सिस्टम की शुरुआत: अब क्यूआर कोड स्कैन करते ही मिलेगा डिजिटल मैप, आसान होगी राह

रायपुर। रेलवे स्टेशनों पर अपनी बोगी, लिफ्ट, वॉशरूम या एग्जिट गेट खोजने के लिए अब यात्रियों को दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। रायपुर रेल मंडल ने यात्रियों की सुविधा और डिजिटल इंडिया अभियान के तहत स्टेशन परिसर में एक नई एआई-आधारित (Artificial Intelligence) पैसेंजर नेविगेशन प्रणाली ‘मार्गदर्शक’ की शुरुआत की है। इसे आम बोलचाल में ‘डिजिटल कुली’ या ‘डिजिटल गाइड’ कहा जा रहा है।
इस सुविधा की सबसे खास बात यह है कि स्टेशन परिसर में लगे क्यूआर (QR) कोड को मोबाइल कैमरे से स्कैन करते ही यात्री के फोन पर पूरे स्टेशन का एक इंटरएक्टिव डिजिटल मैप खुल जाएगा, जो उन्हें उनकी मंजिल तक पहुंचने का सही और आसान रास्ता बताएगा।
कैसे काम करेगी ‘मार्गदर्शक’ प्रणाली?
रायपुर स्टेशन के विस्तृत परिसर, कई प्लेटफॉर्मों और अलग-अलग प्रवेश-निकास द्वारों को ध्यान में रखते हुए इस प्रणाली को डिजाइन किया गया है। अक्सर देखा जाता है कि ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में यात्रियों को लिफ्ट, एस्केलेटर या संबंधित प्लेटफॉर्म खोजने में खासी परेशानी होती है। ‘मार्गदर्शक’ इस समस्या का एक व्यावहारिक तकनीकी समाधान प्रस्तुत करता है।
इस्तेमाल करने का आसान तरीका (How to Use Guide):
स्कैन एवं ओपन: स्टेशन परिसर में लगे पोस्टर पर उपलब्ध क्यूआर कोड को अपने स्मार्टफोन से स्कैन करें और दिए गए लिंक को खोलें।
प्लेटफॉर्म चयन: मैप पर अपने वर्तमान स्थान या संबंधित प्लेटफॉर्म का चयन करें।
गंतव्य चुनें: आपको जहां जाना है (जैसे- वॉशरूम, कैंटीन, लिफ्ट, वेटिंग रूम या कोई विशेष प्लेटफॉर्म), उस पर क्लिक करें।
नेविगेशन: मैप स्क्रीन पर एक ‘ऑरेंज लाइन’ (Orange Line) के जरिए आपको गंतव्य तक पहुंचने का सीधा रास्ता दिखाई देने लगेगा।
फीडबैक: यात्रा या खोज पूरी होने के बाद यात्री इस सेवा की गुणवत्ता पर अपना स्टार रेटिंग फीडबैक भी दे सकते हैं।
शुरुआती चरण में किन जगहों पर मिलेगी सुविधा?
रेलवे प्रशासन ने इस व्यवस्था को शुरुआती चरण में वीआईपी गेट और आरक्षण केंद्र (Reservation Counter) के समीप बने नए एंट्री गेट पर स्थापित किया है। इन प्रमुख प्रवेश द्वारों पर क्यूआर कोड वाले बड़े पोस्टर्स लगाए गए हैं ताकि स्टेशन में प्रवेश करते ही यात्री इसका लाभ उठा सकें।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती रिस्पॉन्स और यात्रियों की आवश्यकता का आकलन करने के बाद आने वाले दिनों में इस सेवा का विस्तार सभी प्लेटफॉर्मों, प्रतीक्षालयों और पार्किंग एरिया में भी किया जाएगा।
वरिष्ठ नागरिकों और नए यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
रायपुर स्टेशन पर पहली बार आने वाले यात्रियों, अन्य राज्यों से आए पर्यटकों, बुजुर्गों, बच्चों के साथ सफर करने वाली महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए यह व्यवस्था बेहद कारगर साबित होगी। अमूमन अजनबी शहरों में स्टेशन की बनावट समझ पाना काफी चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन फोन स्क्रीन पर लाइव मैप मिलने से लोग बिना किसी भ्रम या भटकाव के सीधे अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे।
प्रशासन का पक्ष
“यात्रियों को अधिक से अधिक बेहतर और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। इस तरह के एआई-आधारित प्रयोगों से यात्रियों को भटकना नहीं पड़ेगा और न ही जानकारी के लिए रेलवे कर्मचारियों पर निर्भर रहना होगा। वे खुद ही स्कैन करके स्टेशन परिसर में अपनी इच्छित जगह तक पहुंच सकेंगे। यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।”
— दयानंद, मंडल रेल प्रबंधक (DRM), रायपुर
भविष्य की योजनाएं
रायपुर रेल मंडल का उद्देश्य केवल रास्ते की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि भविष्य में इस डिजिटल मैपिंग सिस्टम से वास्तविक समय (Real-Time) ट्रेन रनिंग स्टेटस, प्लेटफॉर्म बदलाव की सूचना और अन्य स्मार्ट पैसेंजर सर्विसेज को भी जोड़ना है। इस तकनीक के पूर्ण कार्यान्वयन से रायपुर रेलवे स्टेशन छत्तीसगढ़ में डिजिटल पैसेंजर एमिनिटीज के मामले में एक नया मानक स्थापित कर रहा है।
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