16 वर्षीय बालिका को ओडिशा से बरामद कर परिजनों को सौंपा, शारीरिक शोषण के आरोपी को जेल


रैरूमाखुर्द पुलिस की कार्रवाई, सुंदरगढ़ जिले के रेगारपानी से आरोपी गिरफ्तार; घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल जब्त
रायगढ़। जिले में महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे अभियान संवेदना के तहत रैरूमाखुर्द पुलिस ने एक नाबालिग बालिका को ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले से बरामद किया है। मामले में शादी का प्रलोभन देकर बालिका को अपने साथ ले जाने और उसका शारीरिक शोषण करने के आरोप में 34 वर्षीय युवक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने कथित घटना में इस्तेमाल की गई पल्सर मोटरसाइकिल भी जब्त की है।
पुलिस के अनुसार, मामले की शुरुआत 25 सितंबर 2026 को हुई, जब बालिका के पिता ने पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द में अपनी 16 वर्षीय बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल गुमशुदगी के मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के हिमगीर थाना क्षेत्र अंतर्गत रेगारपानी पहुंची, जहां से बालिका को बरामद किया गया।
रात में सोई थी बालिका, सुबह कमरे से मिली गायब
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, घटना वाली रात परिवार के सभी सदस्य भोजन करने के बाद अपने-अपने कमरों में सोने चले गए थे। 16 वर्षीय बालिका भी अपने कमरे में सोई हुई थी। अगली सुबह जब परिजनों ने उसे कमरे में नहीं पाया, तो उसकी तलाश शुरू की गई। आसपास के संभावित स्थानों पर खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो पिता ने पुलिस चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
परिजनों ने आशंका जताई थी कि कोई अज्ञात व्यक्ति बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत के आधार पर रैरूमाखुर्द पुलिस ने अपराध क्रमांक 302/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।
मुखबिर की सूचना पर ओडिशा पहुंची पुलिस टीम
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि लापता बालिका ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के हिमगीर थाना क्षेत्र के रेगारपानी, भोगराकछार निवासी परमानंद कंवर के घर पर है। सूचना की पुष्टि और बालिका की बरामदगी के लिए रैरूमाखुर्द चौकी से प्रधान आरक्षक भेनानसियुस खेस तथा महिला आरक्षक ज्योति की टीम तत्काल ओडिशा रवाना की गई।
पुलिस टीम जब बताए गए पते पर पहुंची, तो वहां बालिका मिल गई। हालांकि, उस समय आरोपी परमानंद कंवर मौके पर मौजूद नहीं था। पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में बालिका को बरामद किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
इसके बाद महिला पुलिस अधिकारी द्वारा बालिका का कथन दर्ज कराया गया। आवश्यक काउंसलिंग और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे सुरक्षित उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
शादी का प्रलोभन देकर ले जाने और शारीरिक शोषण का आरोप
पुलिस के मुताबिक, बालिका के बयान में आरोपी परमानंद कंवर पर शादी का प्रलोभन देकर उसे मोटरसाइकिल से रेगारपानी ले जाने और अपने घर में लगातार शारीरिक शोषण करने के आरोप सामने आए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आगे की वैधानिक कार्रवाई की।
चौकी प्रभारी रैरूमाखुर्द उप निरीक्षक इगेश्वर यादव के नेतृत्व में पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद आरोपी परमानंद कंवर, पिता छवि कंवर, उम्र 34 वर्ष, निवासी रेगारपानी के विरुद्ध दर्ज प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 62(2)(ड) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 और 6 जोड़ी गईं।
नाबालिग से संबंधित मामलों में लागू कानूनी प्रावधानों के तहत पुलिस ने विवेचना आगे बढ़ाई और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसकी तलाश शुरू की।
गांव के मुख्य मार्ग पर पकड़ा गया आरोपी
बालिका की बरामदगी के बाद से ही पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान पुलिस को उसे उसके गांव के मुख्य मार्ग पर पल्सर मोटरसाइकिल के साथ पकड़ने में सफलता मिली। हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने के बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी की।
पुलिस ने कथित घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल क्रमांक CG 13 AW 1784 को गवाहों के समक्ष जब्त किया। विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई
रायगढ़ पुलिस के अनुसार, पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण में की गई। बालिका की बरामदगी से लेकर आरोपी की गिरफ्तारी तक चौकी प्रभारी रैरूमाखुर्द उप निरीक्षक इगेश्वर यादव और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने महिला एवं बच्चों से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे अभियान संवेदना के तहत इस मामले में कार्रवाई की है।
कानूनी पक्ष: मामले में आरोपी के विरुद्ध गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगी। नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर न हो, इसके लिए खबर में उसका नाम, पता, तस्वीर अथवा पहचान स्थापित करने वाली अन्य जानकारी शामिल नहीं की गई है।
अन्य अधिक खबरों के लिए स्क्रॉल डाउन करें 👇⬇️