रायगढ़ में त्योहारों से पहले पुलिस अलर्ट, अपराधियों से लेकर यातायात नियम तोड़ने वालों तक पर रहेगी नजर

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने ली अपराध समीक्षा बैठक, लंबित मामलों के निराकरण और फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए दिए सख्त निर्देश
रायगढ़, 12 अक्टूबर 2026। नवरात्रि, दुर्गा उत्सव और दशहरा के मद्देनजर रायगढ़ पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तैयारियां तेज कर दी हैं। त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले आयोजन स्थलों की सुरक्षा, देर रात तक पेट्रोलिंग, असामाजिक तत्वों की निगरानी और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई पुलिस की प्राथमिकताओं में रहेगी। इसी के साथ वर्षों से लंबित अपराधों, फरार वारंटियों और गुम इंसानों से जुड़े मामलों के निराकरण को लेकर भी पुलिस महकमे को सक्रिय किया गया है।
इन व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए सोमवार, 12 अक्टूबर को पुलिस नियंत्रण कक्ष में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह ने जिले के राजपत्रित अधिकारियों, थाना-चौकी प्रभारियों, प्रशिक्षु उप निरीक्षकों और विभिन्न शाखाओं के प्रमुखों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी त्योहारों के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पुलिस को लंबित प्रकरणों के निराकरण में भी ठोस प्रगति दिखानी होगी।

दुर्गा पंडालों से गरबा आयोजनों तक निगरानी, रात में भी सक्रिय रहेगी पुलिस
त्योहारी आयोजनों में लोगों की बढ़ती आवाजाही और भीड़ को देखते हुए एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की पहले से समीक्षा करने के निर्देश दिए। दुर्गा पंडालों, गरबा-डांडिया कार्यक्रमों, दशहरा उत्सव और अन्य बड़े आयोजनों की जानकारी जुटाकर आयोजन स्थलों पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया।
पुलिस अधिकारियों को आयोजन समितियों के साथ समन्वय बनाए रखने और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। आयोजन समितियों को स्वयंसेवक तैनात करने तथा पंडालों की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस का सूचना तंत्र मजबूत रखने पर जोर देते हुए एसएसपी ने कहा कि क्षेत्र में होने वाले प्रमुख आयोजनों की जानकारी संबंधित थानों को पहले से होनी चाहिए। आयोजन की पूर्व सूचना नहीं देने वाले आयोजकों के मामले में नियमानुसार नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जाएगी।
भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। शहर के साथ संवेदनशील इलाकों में देर रात तक पेट्रोलिंग करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा संबंधी समस्या की सूचना तत्काल पुलिस को दें। इसके लिए पुलिस नियंत्रण कक्ष के नंबर 9479193299 और आपातकालीन सेवा डायल 112 का उपयोग किया जा सकता है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने या भ्रामक सामग्री के जरिए कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बदमाशों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, फरार वारंटियों की तलाश होगी तेज
त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों और असामाजिक तत्वों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। थाना प्रभारियों से कहा गया है कि क्षेत्र में सक्रिय संदिग्ध तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखें और परिस्थितियों के अनुरूप वैधानिक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करें।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान की जानकारी दी। इस दौरान थाना और जिला स्तर पर विशेष टीमें गठित कर लंबित वारंटों के निष्पादन तथा फरार आरोपियों की तलाश तेज करने पर जोर दिया गया।
एसएसपी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केवल अभियान चलाने तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि उसकी नियमित समीक्षा भी की जाए। वारंटियों की गिरफ्तारी और अपराध नियंत्रण के लिए संबंधित थाना प्रभारी जिम्मेदारी के साथ काम करें। लघु अधिनियमों के तहत कार्रवाई में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
पुराने लंबित अपराधों पर नाराजगी, दो महीने में निराकरण का लक्ष्य
अपराध समीक्षा बैठक में लंबित प्रकरणों की स्थिति भी प्रमुखता से उठी। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने थाना-वार अपराधों की समीक्षा करते हुए वर्ष 2025 से पहले के लंबित मामलों पर नाराजगी जताई और उनके निराकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने नवीन आपराधिक कानूनों के तहत निर्धारित 60 और 90 दिनों की समय-सीमा से जुड़े मामलों में समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। इसके लिए आगामी दो महीने तक विशेष अभियान चलाकर लंबित अपराधों के निराकरण में तेजी लाने का लक्ष्य रखा गया है।
थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने यहां लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करें। विवेचना के दौरान आने वाली बाधाओं की पहचान कर उन्हें दूर करें और निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करें। अपराधों और शिकायतों के निराकरण के साथ पुलिस थानों में सीसीटीएनएस से संबंधित कार्यों को भी समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया।
बैठक का संदेश स्पष्ट रहा कि लंबित मामलों की संख्या कम करने के लिए केवल औपचारिक समीक्षा पर्याप्त नहीं होगी। प्रत्येक प्रकरण में विवेचना की प्रगति और उसके निराकरण की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को गंभीरता से निभानी होगी।
गुम इंसानों की तलाश में लापरवाही नहीं, मर्ग मामलों पर भी समयसीमा का जोर
बैठक में गुम इंसानों से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप गुम इंसानों से जुड़े मामलों में अपराध पंजीबद्ध किए जाने के कारण ऐसे प्रकरणों की संख्या में वृद्धि हुई है।
इस पर थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक गुम इंसान की तलाश को गंभीरता से लिया जाए। उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर तलाश के प्रयास किए जाएं और प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए।
मर्ग प्रकरणों के निराकरण की स्थिति पर भी चर्चा हुई। एसएसपी ने वर्तमान स्थिति पर संतोष जताते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में तीन माह से अधिक पुराने मर्ग प्रकरण लंबित नहीं रहने चाहिए। संबंधित अधिकारियों को जांच में तेजी लाकर मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

त्योहारों में यातायात व्यवस्था की चुनौती, तीन सवारी और तेज रफ्तार पर कार्रवाई
नवरात्रि और दशहरा के दौरान रायगढ़ शहर में भीड़ बढ़ने के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखना पुलिस के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती होगी।
एसएसपी ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात पुष्पेंद्र बघेल को आवश्यकतानुसार पुलिस बल की तैनाती और यातायात प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। भीड़भाड़ वाले मार्गों, प्रमुख आयोजन स्थलों और आवाजाही के दबाव वाले क्षेत्रों में व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि दोपहिया वाहनों पर तीन सवारी बैठाने, प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल करने और तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध प्रतिदिन कार्रवाई की जाए। यातायात नियमों के उल्लंघन को हल्के में नहीं लेने तथा सड़क सुरक्षा के साथ आम नागरिकों की सुविधा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
पुलिस की यह कार्रवाई केवल त्योहारों के दौरान भीड़ नियंत्रित करने तक सीमित नहीं है। नियमित रूप से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर निगरानी रखने और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश भी बैठक का हिस्सा रहे।
प्रशिक्षु उप निरीक्षकों की कार्यप्रणाली की समीक्षा, जवाबदेही पर जोर
बैठक में स्वतंत्र रूप से थाना प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए। एसएसपी ने उनसे निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने, अधीनस्थ कर्मचारियों पर प्रभावी नियंत्रण रखने और थाने के कामकाज की नियमित समीक्षा करने को कहा।
अपराधों और शिकायतों का समय पर निराकरण, नवीन आपराधिक कानूनों का पालन तथा सीसीटीएनएस से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। निवर्तमान थाना प्रभारियों को भी अपने अनुभव के आधार पर प्रशिक्षु अधिकारियों का मार्गदर्शन करने और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने को कहा गया।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात पुष्पेंद्र बघेल, डीएसपी उन्नति ठाकुर, एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव, नगर पुलिस अधीक्षक राहुल उइके, डीएसपी शिखर मरावी, रोहित शुक्ला एवं सुशांतो बनर्जी, रक्षित निरीक्षक अमित सिंह, एफएसएल अधिकारी सहित जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारी और शाखा प्रमुख उपस्थित रहे।
त्योहारों की सुरक्षा के साथ लंबित मामलों पर भी रहेगी नजर
रायगढ़ पुलिस के लिए आगामी त्योहार दोहरी जिम्मेदारी लेकर आ रहे हैं। एक ओर धार्मिक आयोजनों में शांति, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखनी है, वहीं दूसरी ओर लंबित अपराधों, वारंटों, गुम इंसानों और मर्ग प्रकरणों के निराकरण में भी तेजी लानी है।
एसएसपी की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद अब इन प्राथमिकताओं पर थाना स्तर पर अमल और कार्रवाई की प्रगति महत्वपूर्ण होगी। त्योहारों के दौरान पुलिस की सक्रियता का आकलन केवल सुरक्षा व्यवस्था से नहीं, बल्कि आम नागरिकों को मिलने वाली राहत, यातायात की सुगमता और लंबित मामलों में होने वाली वास्तविक प्रगति से भी किया जाएगा।
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