Latest News

पुनर्वास की प्रतीक्षा में 171 परिवार: बरौद की ‘नया बस्ती’ में बुनियादी सुविधाओं का संकट गहराया, कलेक्टर से लगाई गुहार

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com

रायगढ़। जिले के घरघोड़ा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरौद की ‘नया बस्ती’ एक बार फिर प्रशासनिक उदासीनता और अधूरी पुनर्वास व्यवस्था की कहानी बयां कर रही है। यहां निवासरत 171 परिवारों ने कलेक्टर रायगढ़ के नाम व्यक्तिगत आवेदन सौंपकर बिजली, पेयजल, सड़क, स्कूल, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे एसईसीएल बरौद विस्तार परियोजना से प्रभावित परिवार हैं। परियोजना के चलते विस्थापन तो हुआ, लेकिन नियमानुसार वैकल्पिक पुनर्वास और बसाहट की समुचित व्यवस्था आज तक पूरी नहीं हो सकी। इसी मजबूरी में पिछले पांच-छह वर्षों से ये परिवार ग्राम बरौद के खसरा क्रमांक 11/1 और प्रोजेक्ट फॉरेस्ट कक्ष क्रमांक 1286 क्षेत्र में ‘नया बस्ती’ बसाकर रह रहे हैं।

आज स्थिति यह है कि बस्ती में 175 से अधिक परिवारों की करीब 700 की आबादी निवास कर रही है। आबादी बढ़ने के साथ यह क्षेत्र अब एक घनी बस्ती का रूप ले चुका है, लेकिन बुनियादी सुविधाएं अब भी नदारद हैं। न तो यहां नियमित बिजली आपूर्ति है, न ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था। बरसात में कच्चे रास्ते दलदल में तब्दील हो जाते हैं, जिससे आवागमन मुश्किल हो जाता है।

सबसे अधिक प्रभावित महिलाएं और बच्चे
स्थानीय लोगों के अनुसार सुविधाओं के अभाव का सबसे ज्यादा असर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। बच्चों की शिक्षा के लिए पास में कोई स्कूल नहीं है, जिससे उन्हें दूर-दराज जाना पड़ता है या फिर पढ़ाई बीच में ही छूट जाती है। आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केंद्र के अभाव में गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को समय पर पोषण और इलाज नहीं मिल पा रहा।

व्यक्तिगत आवेदन के जरिए जताई सामूहिक पीड़ा
नया बस्ती के 171 परिवारों ने अलग-अलग आवेदन देकर प्रशासन के सामने अपनी समस्या रखी है। आवेदन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वर्तमान आबादी और परिस्थितियों को देखते हुए संबंधित विभागों को निर्देशित कर तत्काल बिजली, पानी, सड़क और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

राजनीतिक स्तर पर भी उठी आवाज
मामले को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद राधेश्याम राठिया और क्षेत्रीय विधायक लालजीत सिंह राठिया ने भी नया बस्ती में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने को लेकर प्रशासन से पत्र-व्यवहार किया है। इससे प्रभावित परिवारों को उम्मीद जगी है कि उनकी मांगों पर अब ठोस पहल हो सकती है।

अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी नजर
हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस बदलाव नहीं दिखा है। ऐसे में अब सभी की नजर जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 171 परिवारों की सामूहिक मांग और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन कितनी तेजी से इस बस्ती की समस्याओं का समाधान करता है।

See also  विभिन्न मांगों को लेकर चल रही पटवारियों की हड़ताल हुई खत्म, जानिए किन मांगों को लेकर चलती रही हड़ताल

अन्य अधिक खबरों के लिए स्क्रॉल डाउन करें 👇⬇️

Amar Chouhan

AmarKhabar.com एक हिन्दी न्यूज़ पोर्टल है, इस पोर्टल पर राजनैतिक, मनोरंजन, खेल-कूद, देश विदेश, एवं लोकल खबरों को प्रकाशित किया जाता है। छत्तीसगढ़ सहित आस पास की खबरों को पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल पर प्रतिदिन विजिट करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button