“ऑपरेशन क्लीन हंट” में बड़ी कामयाबी: चिटफंड घोटाले का फरार डायरेक्टर जशपुर से दबोचा, निवेशकों से लाखों की ठगी का आरोप

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़, 5 सितंबर। जिले में फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत रायगढ़ पुलिस को एक अहम सफलता मिली है। वर्षों से फरार चल रहे चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर को जशपुर से हिरासत में लेकर घरघोड़ा पुलिस रायगढ़ लाई, जहां पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेज दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में चल रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के सुपरविजन में थाना घरघोड़ा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सुनील तिवारी को जशपुर से पकड़ने में सफलता हासिल की।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ चिटफंड निवेशकों से धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद थाना घरघोड़ा में पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर निवेशकों को झांसा देकर रकम जमा कराने की बात स्वीकार की है।
ऐसे रचा गया था ठगी का जाल
मामले की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई, जब नवापारा घरघोड़ा निवासी लालबाबू गुप्ता ने थाना घरघोड़ा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, “शुष्क इंडिया लिमिटेड” नामक कंपनी के जरिए क्षेत्र के लोगों को कम समय में अधिक मुनाफा देने का लालच दिया गया।
निवेशकों को मासिक जमा योजनाओं और फिक्स डिपॉजिट के नाम पर जोड़ा गया। स्वयं प्रार्थी ने वर्ष 2012 से हर महीने 601 रुपये जमा करना शुरू किया था। इसी तरह मोहल्ले के कई लोगों ने भी अपनी जमा-पूंजी कंपनी में लगा दी।
वर्ष 2016 में कंपनी संचालक राजकुमार कोसे अचानक फरार हो गया। बाद में लौटने पर उसने कंपनी बंद होने और केस चलने का हवाला देकर निवेशकों को रकम लौटाने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने वर्ष 2017 में धारा 420, 467, 468 भादवि और छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों के संरक्षण अधिनियम 2005 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
जांच में सामने आए डायरेक्टर, एक-एक कर हो रही गिरफ्तारी
विवेचना के दौरान कंपनी के दस्तावेज और निवेशकों के बयान दर्ज किए गए। साथ ही बांड पेपर और कार्यालय से संबंधित सामग्री जब्त की गई। बाद में कंपनी के डायरेक्टरों की जानकारी आरओसी ग्वालियर से प्राप्त की गई, जिसमें तीन नाम सामने आए—दिनेश सैनी, नरेंद्र लोधी और सुनील तिवारी।
इनमें से दिनेश सैनी को वर्ष 2022 में प्रोडक्शन वारंट पर उज्जैन जेल से लाकर गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी थी। इसी क्रम में अब फरार डायरेक्टर सुनील तिवारी की गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है।
पुलिस टीम की भूमिका
आरोपी की पतासाजी और गिरफ्तारी में थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू, एएसआई डेविड टोप्पो और आरक्षक हरीश पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस का कहना है कि प्रकरण के शेष आरोपियों की तलाश जारी है और निवेशकों से ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई से लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे निवेशकों को राहत की उम्मीद जरूर जगी है, हालांकि पूरे नेटवर्क का खुलासा और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है।
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