लैलूंगा थप्पड़कांड में पलटा मामला: प्रोफेसर की शिकायत पर युवती के खिलाफ भी केस, दोनों पक्षों के आरोपों की जांच शुरू

Journalist Amardeep Chauhan
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रायगढ़। लैलूंगा में कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए थप्पड़कांड ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। जिस मामले में पहले एक युवती की शिकायत पर सरकारी कॉलेज के सहायक प्राध्यापक के खिलाफ केस दर्ज हुआ था, अब उसी प्रकरण में प्रोफेसर की शिकायत पर संबंधित युवती के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। इसके बाद यह मामला अब दोतरफा आरोपों के बीच जांच के दायरे में आ गया है।
पुलिस के मुताबिक, शासकीय महाविद्यालय कुंजारा में पदस्थ सहायक प्राध्यापक रेमन भार्गव ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि भागीरथी पटेल कॉलोनी की रहने वाली युवती उनसे बार-बार पैसे मांगती थी। हाल में पैसे देने से इनकार करने पर विवाद बढ़ गया और युवती ने गाली-गलौज करते हुए उनका कॉलर पकड़कर मारपीट की। शिकायत में यह भी कहा गया है कि युवती ने उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी।
प्रोफेसर का यह भी कहना है कि घटना के बाद वे भय के कारण कुछ समय के लिए लैलूंगा छोड़कर रायगढ़ चले गए थे और बाद में अपनी पत्नी के साथ थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने इस शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 296 और 351(3) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
दरअसल, इसी घटना का एक वीडियो कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें एक युवती सहायक प्राध्यापक का कॉलर पकड़कर थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रही थी। इस वीडियो के सामने आने के बाद युवती ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि संबंधित प्रोफेसर पिछले करीब डेढ़ साल से व्हाट्सएप और टेलीग्राम के माध्यम से अश्लील संदेश भेज रहे थे और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाल रहे थे।
युवती की शिकायत पर पुलिस ने पहले ही सहायक प्राध्यापक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 78 और 79 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
अब दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज होने के बाद मामला और पेचीदा हो गया है। पुलिस के सामने चुनौती है कि वह आरोप-प्रत्यारोप के बीच वास्तविक तथ्यों तक पहुंचे। जांच में गवाहों के बयान, वायरल वीडियो, मोबाइल चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को अहम आधार माना जा रहा है।
शासकीय महाविद्यालय कुंजारा के प्राचार्य एम.एल. पटेल ने स्पष्ट किया है कि यह घटना कॉलेज परिसर की नहीं है और संस्था को इस संबंध में युवती की ओर से कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि यदि शिकायत मिलती तो नियमानुसार उच्च शिक्षा विभाग को सूचित किया जाता।
थाना प्रभारी गिरधारी साव ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों पर केस दर्ज कर लिया गया है और निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के पीछे की पूरी सच्चाई क्या है। फिलहाल, पुलिस जांच के निष्कर्ष का इंतजार है, जिसके बाद ही इस हाई-प्रोफाइल मामले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।
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