भकुर्रा हत्याकांड का 72 घंटे में खुलासा: दो दोस्तों में विवाद के बाद दोस्त ने ही उतारा मौत के घाट

Journalist Amardeep Chauhan
http://amarkhabar.com
रायगढ़। रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम भकुर्रा में हुए सनसनीखेज युवक हत्याकांड का पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस युवक की हत्या हुई, उसका कातिल कोई और नहीं बल्कि उसका करीबी दोस्त ही निकला। आपसी रंजिश और शराब के नशे में हुए विवाद ने दोस्ती को खून में बदल दिया।
पुलिस के मुताबिक, 12 जुलाई की रात भकुर्रा आवासपारा निवासी गोरखनाथ चौहान ने थाने में सूचना दी कि उसके 23 वर्षीय पुत्र रामनाथ उर्फ सोनू चौहान का शव घर की परछी में पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मृतक के सिर और गर्दन के पास खून से सना भारी शील पत्थर पड़ा हुआ था, जिससे हत्या की आशंका और गहरा गई।
प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि मृतक शराब का आदी था और नशे की हालत में घर में अक्सर विवाद करता था। घटना के समय घर में उसकी मां भी मौजूद नहीं थी, जो कुछ दिन पहले ही विवाद के चलते रिश्तेदारी में चली गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी व एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में लैलूंगा पुलिस ने जांच को तेज किया। घटनास्थल से मिले एक गमछे और अन्य भौतिक साक्ष्यों को आधार बनाकर पुलिस ने जांच की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।
जांच के दौरान डॉग स्क्वॉड की मदद ली गई। पुलिस डॉग ‘रूबी’ ने घटनास्थल से मिले सुराग के आधार पर संदिग्धों के बीच सीधे मृतक के मित्र भुवनेश्वर यादव तक पहुंचकर महत्वपूर्ण संकेत दिए। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां वह ज्यादा देर तक सच्चाई छिपा नहीं सका।
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि घटना वाली रात वह और सोनू साथ बैठकर खाना खा रहे थे और शराब पी रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जो अचानक हिंसक रूप ले बैठा। गुस्से में आकर उसने घर में रखा भारी शील पत्थर उठाकर सोनू के सिर और गर्दन पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना के समय पहने गए कपड़े भी जब्त कर लिए हैं। आरोपी भुवनेश्वर यादव (26), निवासी भकुर्रा, के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी पहले भी दुष्कर्म के एक मामले में जेल जा चुका है।
इस पूरे प्रकरण में वैज्ञानिक साक्ष्यों, घटनास्थल से मिले सुरागों और डॉग स्क्वॉड की अहम भूमिका रही। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इस अंधे कत्ल का खुलासा संभव हो सका।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने मामले के शीघ्र खुलासे पर थाना प्रभारी गिरधारी साव, उनकी टीम और डॉग स्क्वॉड की सराहना की है। उन्होंने डॉग मास्टर आरक्षक वीरेन्द्र अनंत को उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत करने की घोषणा भी की।
एसएसपी ने कहा कि रायगढ़ पुलिस गंभीर अपराधों की जांच में वैज्ञानिक पद्धति और साक्ष्य आधारित कार्रवाई को प्राथमिकता देती है और ऐसे मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
अन्य अधिक खबरों के लिए स्क्रॉल डाउन करें 👇⬇️